मीरा भाईंदर में गणेश विसर्जन के लिए 24 जगहों पर इंतजाम, 19 कृत्रिम तालाब भी बनाए
मीरा भाईंदर महानगरपालिका ने गणेशोत्सव 2026 के लिए शहर में कुल 24 विसर्जन स्थल तैयार किए हैं, जिनमें प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों तरह के जलस्रोत शामिल हैं।
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गणेशोत्सव नजदीक आते ही मीरा भाईंदर महानगरपालिका ने मूर्ति विसर्जन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार शहर में कुल 24 जगहों पर विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी। इसमें छह फुट से ऊंची मूर्तियों के लिए पांच प्राकृतिक जलस्रोत रखे गए हैं, जबकि छह फुट से छोटी मूर्तियों के लिए 19 कृत्रिम तालाब बनाए जाएंगे।
छोटी मूर्तियों के विसर्जन के लिए जिन जगहों पर कृत्रिम तालाब तैयार किए जाएंगे, उनमें नेताजी सुभाषचंद्र बोस मैदान, एसटी की खाली जगह, भाईंदर पूर्व का बालासाहेब ठाकरे मैदान, मेजर ध्यानचंद मैदान, जेसल पार्क चौपाटी, बालाजी मैदान, मीरा रोड स्थित डॉन बॉस्को स्कूल के सामने की जगह, शिवार गार्डन, मोर्चा गांव का पाटील मैदान, रामदेव पार्क इलाका, भाईंदर पश्चिम का नगरभवन तालाब, भाईंदर पूर्व का जुना नवघर तालाब, एस एन कॉलेज के सामने का मैदान, घोडबंदर स्थित पद्मावती तालाब, नासका तालाब, कशिमीरा का जरीमरी तालाब, मिरागांव का सातकरी तालाब और पेणकरपाडा का सुकाळा तालाब शामिल हैं।
वहीं प्राकृतिक जलस्रोतों में उत्तन समुद्रकिनारा, भाईंदर पश्चिम खाड़ी किनारा, भाईंदर पूर्व खाड़ी किनारा, घोडबंदर का रेतीबंदर खाड़ी किनारा और चेना नदी को शामिल किया गया है। बड़ी मूर्तियों का विसर्जन इन्हीं जगहों पर होगा।
पिछले साल शहर में 99 हजार 167 गणेश मूर्तियों और गौरी की मूर्तियों का विसर्जन हुआ था। पालिका का अनुमान है कि इस बार इस संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए सभी विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त मनुष्यबल तैनात किया जाएगा।
भक्तों को सीधे पानी में उतरकर मूर्ति विसर्जित करने की इजाजत नहीं दी जाएगी, इसके लिए खास विसर्जन दल तैनात किए जाएंगे। किसी भी हादसे को टालने के लिए पुलिस की टीमें भी मौजूद रहेंगी, और आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने के लिए हर विसर्जन स्थल पर मेडिकल टीम भी तैनात की जाएगी। इस तरह पालिका इस बार गणेशोत्सव के दौरान विसर्जन प्रक्रिया को सुरक्षित और हादसा-मुक्त बनाने की कोशिश में जुटी है।