कृष्णा-मराठवाडा प्रकल्प का काम 99.99% पूरा, महीनेभर में रामदरा तालाब में पानी की टेस्टिंग
धाराशिव में कृष्णा-मराठवाडा सिंचाई प्रकल्प की योजना क्रमांक दो का काम लगभग पूरा, विधायक राणा पाटील ने दी जानकारी
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मराठवाड़ा के धाराशिव जिले में लंबे समय से चल रहे कृष्णा-मराठवाडा सिंचाई प्रकल्प को लेकर बड़ी खबर आई है। इस प्रकल्प की योजना क्रमांक दो का 99.99 फीसदी काम पूरा हो चुका है, और बचे हुए मामूली काम भी अब आखिरी चरण में हैं। विधायक राणाजगजितसिंह पाटील ने बताया कि ये बचे हुए काम पूरे होते ही, महीनेभर के भीतर कृष्णा नदी का पानी रामदरा तालाब में छोड़ने की टेस्टिंग की जाएगी।
जिले के प्रोजेक्ट्स में इस वक्त पानी का स्टॉक बेहद कम है, इसलिए आने वाले वक्त में पानी की किल्लत हो सकती है। ऐसे हालात में रामदरा तालाब का पानी काफी काम आने वाला है। तुळजाभवानी माता के चरणों में बसे इस रामदरा तालाब तक कृष्णा नदी का पानी पहुंचाने का रास्ता अब प्रोजेक्ट के आखिरी कामों की वजह से साफ हो गया है।
प्रोजेक्ट के इस आखिरी दौर में एक अड़चन भी आई थी। बार्शी तालुका के मुंगशी गांव के पास बिजली लाइन के लिए कुछ किसानों की जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था, जिससे काम में रुकावट आई थी। संबंधित किसानों से बातचीत करके यह मसला सुलझा लिया गया है, और अब जमीन के नीचे केबल डालने का काम भी आखिरी स्टेज में है। इसके बाद घाटणे बैराज के पास बचे हुए काम पूरे किए जाएंगे, और तभी कृष्णा नदी का पानी रामदरा तालाब में छोड़ने की टेस्टिंग होगी।
विधायक पाटील के मुताबिक, उजनी डैम से भीमा-सीना जोड़ सुरंग के जरिए कृष्णा नदी का पानी सीना नदी में लाया जाएगा। इसके बाद यह पानी घाटणे बैराज के रास्ते रामदरा तालाब तक पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि रामदरा तालाब की पानी जमा करने की क्षमता 20 दशलक्ष घनमीटर है।
पानी की भारी किल्लत के दौरान रामदरा तालाब का पानी पीने के काम में इस्तेमाल किया जा सकेगा, और जिले के जरूरतमंद इलाकों में टैंकर के जरिए पानी सप्लाई करने की भी संभावना है। इससे खासकर ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की समस्या कुछ हद तक कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विधायक पाटील ने बताया कि प्रोजेक्ट में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें कर लगातार फॉलोअप किया जा रहा है। उन्होंने यह दावा भी किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 11,700 करोड़ रुपये के कामों को सुधारित प्रशासकीय मंजूरी मिलने से काम में रफ्तार आई है।
कृष्णा-मराठवाडा सिंचाई प्रकल्प, कृष्णा नदी के बेसिन के पानी को मराठवाड़ा के सूखाग्रस्त इलाकों तक पहुंचाने के मकसद से शुरू किया गया एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इसका मुख्य उद्देश्य खासकर धाराशिव यानी उस्मानाबाद और बीड जिलों में पानी की किल्लत कम करना और खेती के लिए सिंचाई की सुविधा देना है। इस योजना के तहत कृष्णा बेसिन में मराठवाड़ा के हक का पानी उचल सिंचाई पद्धति से अलग-अलग चरणों में सूखाग्रस्त इलाकों तक ले जाने की योजना है। इसमें पानी उठाने के लिए पंपहाउस, पाइपलाइन, नहरें, सुरंगें और पानी जमा करने की व्यवस्था जैसे कई काम शामिल हैं।
धाराशिव और आसपास के इलाकों में बारिश का कोई भरोसा नहीं रहता, जिसकी वजह से बार-बार पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है। कृष्णा-मराठवाडा प्रोजेक्ट जब पूरी क्षमता से काम करने लगेगा, तब इससे खेती को संरक्षित सिंचाई मिलने, स्थानीय जलस्रोतों को मजबूती मिलने और पानी की किल्लत कम होने में मदद मिलने की उम्मीद है।