गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:47 IST

केईएम अस्पताल में आग से बचाव के लिए बिजली सिस्टम बदलेगी बीएमसी, दस करोड़ से ज्यादा खर्च

परेल के केईएम अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में पुरानी और खतरनाक हो चुकी पूरी बिजली व्यवस्था बदलने का फैसला, प्रस्ताव स्थायी और स्थापत्य समिति के सामने मंजूरी के लिए पेश।

केईएम अस्पताल में आग से बचाव के लिए बिजली सिस्टम बदलेगी बीएमसी, दस करोड़ से ज्यादा खर्च तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने परेल स्थित मशहूर राजे एडवर्ड मेमोरियल यानी केईएम अस्पताल में आग लगने का खतरा टालने और मरीजों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अस्पताल की मुख्य बिल्डिंग में जो बिजली व्यवस्था पुरानी और खतरनाक हो चुकी है, उसे पूरी तरह बदलने का फैसला प्रशासन ने लिया है।

इस काम के लिए करीब दस करोड़ तीस लाख सत्तासी हजार सात सौ पचास रुपये के सुधारित खर्च का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे अंतिम मंजूरी के लिए स्थायी समिति और स्थापत्य समिति के सामने रखा गया है।

यह फैसला अचानक नहीं आया। बाईस नवंबर दो हजार उन्नीस को केईएम अस्पताल में बिजली से जुड़े हादसे में प्रिंस राजभर नाम के एक बच्चे की मौत हो गई थी। इसके अलावा दहिसर जकात नाका स्थित इलाज केंद्र, ठाणे और भंडारा के अस्पतालों में भी पहले आग की घटनाएं हो चुकी हैं। इन सब घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने अब यह एहतियात बरती है।

इस काम का असली कॉन्ट्रैक्ट खर्च नौ करोड़ सैंतीस लाख सोलह हजार एक सौ छत्तीस रुपये तय किया गया है। इसमें दस प्रतिशत निगरानी खर्च जोड़ने के बाद कुल अनुमानित खर्च दस करोड़ तीस लाख सत्तासी हजार सात सौ पचास रुपये होगा। इसके लिए जरूरी पैसा साल दो हजार छब्बीस-सत्ताईस के सुधारित बजट में रखा जाएगा।

केईएम अस्पताल में अठारह सौ बेड की क्षमता है और यह देश के उन आठ उत्कृष्टता केंद्रों में से एक है, जिन्हें केंद्र सरकार की राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति दो हजार इक्कीस के तहत चुना गया था। यहां हर साल करीब अठारह लाख मरीज बाहरी इलाज के लिए और पचासी हजार मरीज भर्ती होकर इलाज के लिए आते हैं। यहां लगभग तीन सौ नब्बे डॉक्टर, पांच सौ पचास रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल स्टूडेंट व स्टाफ चौबीस घंटे काम करते हैं। इतनी भीड़भाड़ वाली और संवेदनशील जगह पर शॉर्ट सर्किट से होने वाले हादसे रोकने के लिए इस प्रस्ताव को जल्द अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।

अस्पताल में आग से बचाव वाला सुरक्षित माहौल बनाने और सरकारी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करने की जरूरत को देखते हुए पालिका के यांत्रिकी और विद्युत विभाग ने यह प्रस्ताव तैयार किया है। इस काम के लिए पालिका ने जो ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया चलाई थी, उसमें चार सप्लायरों ने हिस्सा लिया था। इनमें से दो पात्र निविदाकार थे, जिनमें मेसर्स एलिप्रोज इंजीनियर्स ने पालिका के दफ्तरी अनुमान से एक दशमलव नौ तीन प्रतिशत कम दर की निविदा भरी, जिसके चलते उन्हें यह काम दिया गया है।

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