कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले से फिल्म टिकट सस्ते, 2% अतिरिक्त टैक्स रद्द
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में टिकटों पर लगे 2% एक्स्ट्रा टैक्स को रद्द कर दिया, जिससे राज्य में फिल्म देखना अब पहले से सस्ता होगा।
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कर्नाटक में फिल्म देखने वालों के लिए राहत की खबर है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में बिकने वाले टिकटों पर लगाया गया 2% एक्स्ट्रा टैक्स रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट का कहना है कि जिस कानून के तहत यह टैक्स वसूला जा रहा था, वह अभी तक आधिकारिक तौर पर लागू ही नहीं हुआ है, इसलिए जब तक कानून लागू नहीं होता, तब तक दर्शकों पर ऐसा टैक्स नहीं थोपा जा सकता।
यह मामला मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया, पीवीआर आइनॉक्स लिमिटेड और उसके एक शेयरधारक शांतनु पै की तरफ से दाखिल याचिका से जुड़ा था। इन्होंने टिकटों पर लगे 2% टैक्स के साथ-साथ उसे वसूलने के लिए जारी किए गए सरकारी आदेशों को भी कोर्ट में चुनौती दी थी।
दरअसल कर्नाटक सरकार ने 2024 के एक कानून के तहत फिल्म और कल्चरल सेक्टर में काम करने वालों के लिए एक वेलफेयर फंड बनाने का प्रस्ताव रखा था। इस फंड के लिए पैसा जुटाने का तरीका यह था कि सिनेमा टिकट और कुछ दूसरी सर्विसेज से होने वाली कमाई पर 1% से 2% तक टैक्स लगाया जाए। लेकिन इस दायरे में टीवी चैनल और ओटीटी प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई भी शामिल कर ली गई थी।
याचिकाकर्ताओं की दलील थी कि जब तक यह कानून औपचारिक रूप से लागू नहीं होता, सिर्फ एक सर्कुलर या प्रशासनिक आदेश के जरिए टैक्स वसूलना सही नहीं है। कर्नाटक सरकार ने 29 अगस्त को एक सर्कुलर जारी करके राज्य के सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स को निर्देश दिया था कि वे 1 सितंबर से टिकट दरों पर 2% एक्स्ट्रा टैक्स वसूलना शुरू करें।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यही आर्ग्यूमेंट दिया कि 2024 का कानून अभी लागू नहीं हुआ, इसलिए सिर्फ सरकारी सर्कुलर के आधार पर ग्राहकों से यह एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जा सकता। सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार ने कोर्ट को बताया कि 29 अगस्त को जारी किया गया वह आदेश 9 सितंबर को वापस ले लिया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब कर्नाटक में सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स में टिकट के दाम उस एक्स्ट्रा 2% टैक्स के बिना ही मिलेंगे, यानी फिल्म देखना दर्शकों के लिए पहले से सस्ता पड़ेगा।