गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:47 IST

कर्जत में टोरंट हायड्रॉलिक पावर प्रोजेक्ट: आंबोट के बाद अब भालीवडी में भी जमीन नापना रोका

कर्जत तालुका में प्रस्तावित टोरंट हायड्रॉलिक पावर प्रोजेक्ट के रास्ते के लिए हो रही जमीन मोजने को गांव वालों ने दूसरी बार रोक दिया।

कर्जत में टोरंट हायड्रॉलिक पावर प्रोजेक्ट: आंबोट के बाद अब भालीवडी में भी जमीन नापना रोका तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कर्जत तालुका में आने वाले टोरंट हायड्रॉलिक पावर प्रोजेक्ट के लिए सायडोंगर तक जाने वाला जो रास्ता बनाया जा रहा है, उसकी जमीन की नापजोख को स्थानिक किसानों ने दूसरी बार नाकाम कर दिया। कुछ दिन पहले आंबोट गांव के किसानों ने सार्वजनिक बांधकाम खाते के अधिकारियों को बिना जमीन नापे वापस भेज दिया था। अब उसी तरह आज भालीवडी गांव के ग्रामवासियों ने भी बांधकाम खाते के अधिकारियों को जमीन की नापजोख नहीं करने दी।

टोरंट एनर्जी सोल्युशन पावर प्रोजेक्ट कंपनी कर्जत तालुका के सायडोंगर इलाके में एक हायड्रॉलिक प्रोजेक्ट खड़ा करने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ स्तर से इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल चुकी है। इसी वजह से रायगड जिलाधिकारी के दफ्तर ने सायडोंगर से भालीवडी तक 5.900 किलोमीटर लंबे रास्ते के निर्माण के लिए अधिसूचना जारी की है।

इस रास्ते के लिए भालीवडी, आंबोट, पाली, पोटल और सायडोंगर के किसानों की जमीन का भूसंपादन होना है, इसी के लिए यह अधिसूचना निकाली गई है। इसके साथ ही हुमगाव से सायडोंगर तक जाने वाला एक और रास्ता भी प्रस्तावित किया गया है। भालीवडी से सायडोंगर तक का रास्ता बनाने के लिए राज्य सरकार ने कर्जत के सार्वजनिक बांधकाम विभाग को जमीन की नापजोख करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। इसी आदेश के तहत बांधकाम खाते के उप अभियंता राहुल देवांग जरूरी जमीन की नापजोख करने की कोशिश में लगे हुए हैं।

लेकिन इस हायड्रॉलिक प्रोजेक्ट को स्थानिक लोगों का जबरदस्त विरोध झेलना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले टोरंट कंपनी ने आंबोट गांव की जमीन से होकर संभावित रास्ता ले जाने का फैसला किया था, तब उस जगह की नापजोख करने कर्जत सार्वजनिक बांधकाम विभाग के अधिकारी पहुंचे थे। उस वक्त गांव वालों ने एकजुट होकर अपनी जमीन नापने का विरोध किया था, जिसकी वजह से बांधकाम खाता जमीन की नापजोख नहीं कर पाया था। आज उसी तरह भालीवडी में बांधकाम खाते के उप अभियंता राहुल देवांग और शाखा अभियंता पहुंचे। लेकिन कुछ ही मिनटों में भालीवडी गांव के लोग वहां जमा हो गए।

मयूर पाटील ने अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि हमारी जमीन में तुम आए ही कैसे, और उनसे जमीन से निकल जाने को कहा। इसके बाद कई किसान आगे आए और उन्होंने जमीन की नापजोख नहीं होने दी। भालीवडी से शुरू होने वाले टोरंट कंपनी के इस रास्ते की शुरुआत वाली जगह पर स्थानिक लोगों का विरोध होने से अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि रास्ता बनाने के लिए जमीन मिलेगी भी या नहीं।

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