गणेशोत्सव के लिए मुंबई से कोकण जाने वालों के लिए 'नमो एक्सप्रेस' रवाना, 1500 भक्त सवार
लोढा फाउंडेशन की विशेष ट्रेन सीएसएमटी से सावंतवाडी के लिए रवाना हुई, साथ ही पांच बसें भी कोकण के लिए निकलीं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गणेशोत्सव के मौके पर मुंबई में नौकरी-धंधे के लिए रहने वाले चाकरमान्यों को अपने गांव के बाप्पा के दर्शन के लिए कोकण जाना आसान हो, इसके लिए लोढा फाउंडेशन ने हर साल की तरह इस बार भी खास 'नमो एक्सप्रेस' का इंतजाम किया। शनिवार को छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस के प्लेटफॉर्म नंबर 18 से सुबह 11 बजकर 5 मिनट पर यह ट्रेन कोकण के लिए रवाना हुई।
मुंबई भाजप अध्यक्ष और विधायक अमित साटम ने इस विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन से 1500 से ज्यादा गणेशभक्त कोकण की तरफ निकले। 'नमो एक्सप्रेस' छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस से सावंतवाडी तक चलती है, और गणेशोत्सव के लिए अपने गांव जाने वाले चाकरमान्यों के लिए यह खास सुविधा उपलब्ध कराई गई। अपने परिवार और गांव के बाप्पा के साथ त्योहार मनाने की चाह रखने वाले भक्तों ने इस पहल को हाथोंहाथ लिया।
छत्रपती शिवाजी महाराज टर्मिनस स्टेशन पर चाकरमान्यों की खूब भीड़ जमा हुई थी। हर भक्त के चेहरे पर गांव जाने की खुशी साफ झलक रही थी। अपनी सीट मिलते ही भक्तों का उत्साह और बढ़ गया। जैसे ही विशेष ट्रेन रवाना हुई, पूरा स्टेशन परिसर 'गणपती बाप्पा मोरया' के जयघोष से गूंज उठा।
कैबिनेट मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने बताया कि गणेशोत्सव हर मराठी आदमी के दिल से जुड़ा त्योहार है। मुंबई में नौकरी-धंधे के चलते रहने वाले चाकरमान्यों को अपने गांव के बाप्पा के दर्शन और परिवार के साथ यह त्योहार मनाने का मौका मिले, यही इस पहल के पीछे की भावना है। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव नजदीक आते ही हर मुंबईकर को अपने गांव और अपने लोगों की याद सताने लगती है, और इसी भावनात्मक जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में हर साल गणेशभक्तों के लिए खास ट्रेन और बस सेवा का इंतजाम किया जाता है। मुंबई से कोकण रवाना होते वक्त भक्तों के चेहरों पर दिखने वाली खुशी ही इस पहल की असली कामयाबी है।
इसी बीच, शनिवार रात 11 बजे भाजप की तरफ से एक और विशेष ट्रेन चलाई गई, जिससे कोकण जाने वाले गणेशभक्तों को अतिरिक्त सुविधा मिली। इसके अलावा शुक्रवार शाम 6 बजे ऑगस्ट क्रांती मैदान से गणेशोत्सव के लिए कोकण जाने वाले भक्तों के लिए पांच विशेष बसें रवाना की गईं। दक्षिण मुंबई इलाके के करीब 200 चाकरमान्यों ने इन बसों से सफर किया। 'गणपती बाप्पा मोरया' के नारों के बीच बसें कोकण की ओर रवाना हुईं।