गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:59 IST

गणेशोत्सव 2026: वर्धा पुलिस ने शांति और सुरक्षा के लिए तैनात किए 2400 से ज्यादा जवान

आवाज़ और लेज़र लाइट पर सख्ती, 24x7 सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल और दंगा नियंत्रण की रिहर्सल के साथ वर्धा पुलिस ने त्योहार के लिए पूरी तैयारी कर ली है।

गणेशोत्सव 2026: वर्धा पुलिस ने शांति और सुरक्षा के लिए तैनात किए 2400 से ज्यादा जवान तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

आने वाले गणेशोत्सव 2026 को देखते हुए वर्धा जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, त्योहार को उत्साह और शांति के साथ मनाने और आवाज़ के प्रदूषण तथा लेज़र लाइट के इस्तेमाल पर काबू रखने के लिए वर्धा पुलिस दल ने बड़े पैमाने पर तैयारी की है। पुलिस का कहना है कि गणेशोत्सव सामाजिक एकता, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपरा का त्योहार है, इसलिए इसे सुरक्षित और अनुशासित तरीके से मनाने के लिए प्रतिबंधात्मक कदमों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

आवाज़ के प्रदूषण को रोकने के लिए महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 36 और धारा 38(1) के तहत पुलिस अधीक्षक, वर्धा ने आदेश जारी किए हैं और इसका व्यापक प्रचार किया गया है। लाउडस्पीकर, एम्प्लीफायर और अन्य ध्वनि उपकरणों का इस्तेमाल करते समय सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और सरकार की तय की गई ध्वनि सीमा का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है। जिले के हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र के शांति क्षेत्रों में Noise Level Meter से आवाज़ के स्तर की रीडिंग पहले ही ले ली गई है, ताकि त्योहार के दौरान नियमों का उल्लंघन तुरंत पकड़ में आ सके। तय सीमा तोड़ने वालों पर कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मिरवणुक और दूसरे कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाली Laser Light से बुजुर्गों, बच्चों और खासकर वाहन चालकों को खतरा हो सकता है, इसे ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी, वर्धा ने धारा 163 BNSS के तहत जिले में लेज़र लाइट के इस्तेमाल पर रोक का आदेश जारी किया है। इस आदेश को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस को जरूरी निर्देश दिए गए हैं और उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।

त्योहार सुचारू रूप से निपटे इसके लिए वर्धा पुलिस ने गणेश मंडलों, लाउडस्पीकर मालिकों-चालकों, शांति समिति और नागरिकों के बीच तालमेल बनाने पर खास जोर दिया है। पुलिस अधीक्षक, वर्धा के स्तर पर इन सबकी बैठकें लेकर ध्वनि सीमा, मिरवणुक का अनुशासन, यातायात व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया है। इसके अलावा हर पुलिस स्टेशन स्तर पर उपविभागीय पुलिस अधिकारी और थानेदारों ने शांति समिति, आयोजक मंडलों और डीजे चालकों-मालिकों के साथ अलग बैठकें कर स्थानीय स्तर की संभावित दिक्कतों, मिरवणुक के रास्ते, वक्त-सारणी और जरूरी एहतियाती उपायों पर तालमेल बिठाया है।

इस साल वर्धा पुलिस दल ने "गणराया उत्कृष्ट सार्वजनिक गणेश मंडल स्पर्धा-2026" का आयोजन किया है, जिसमें साइबर सुरक्षित गणेशोत्सव, नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान, महिला व बाल सुरक्षा, यातायात सुरक्षा, पर्यावरण के अनुकूल उत्सव, स्वास्थ्य जांच शिविर और कानून-व्यवस्था के अनुशासन जैसे विषयों पर प्रतियोगिता रखी गई है। हर पुलिस स्टेशन स्तर पर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्तर पर तीन बेहतरीन गणेश मंडलों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि यह संदेश जाए कि त्योहार सिर्फ जश्न का नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी है।

किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटने के लिए हर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में दंगा नियंत्रण योजना की रिहर्सल कराई गई है, जिसमें पुलिस अधिकारियों और जवानों को त्वरित प्रतिक्रिया, भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील जगहों की सुरक्षा का सीधा अभ्यास कराया गया। जिले के अलग-अलग संवेदनशील और अहम इलाकों में रूट मार्च भी निकाले गए हैं, ताकि लोगों को पुलिस की तैयारी और मौजूदगी का एहसास हो। साथ ही पूरे त्योहार के दौरान सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए साइबर पुलिस स्टेशन, वर्धा में 24x7 Social Media Monitoring Cell काम करेगा। अफवाह, आपत्तिजनक पोस्ट या वीडियो फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। पुलिस अधीक्षक, वर्धा ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें, उसे आगे न फैलाएं और शक होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

त्योहार के दौरान बंदोबस्त में कुल 114 पुलिस अधिकारी, 1200 पुलिस जवान, 2 दंगा नियंत्रण दस्ते, 1 त्वरित प्रतिक्रिया दस्ता, 1080 होमगार्ड और 1 एस.आर.पी.एफ. टुकड़ी तैनात रहेगी। इस तरह कुल मिलाकर 2400 से ज्यादा पुलिस बल गणेशोत्सव के दौरान जिले में तैनात रहेगा। गणेश मंडलों, मिरवणुक के रास्तों, संवेदनशील जगहों, भीड़भाड़ वाले इलाकों और अहम चौराहों पर जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त बंदोबस्त लगाया जाएगा।

वर्धा पुलिस ने साफ किया है कि गणेश मंडलों और नागरिकों को त्योहार मनाने में पूरा सहयोग दिया जाएगा, लेकिन कानून का उल्लंघन, तय ध्वनि सीमा तोड़ना, प्रतिबंधित लेज़र लाइट का इस्तेमाल या सार्वजनिक शांति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा होने पर संबंधित व्यक्ति, आयोजक, डीजे चालक-मालिक या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।

पुलिस अधीक्षक, वर्धा श्री सौरभ कुमार अग्रवाल ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि गणेशोत्सव श्रद्धा, संस्कृति, सामाजिक एकता और खुशी का त्योहार है, इसलिए इसे बड़े उत्साह से मनाएं मगर शांति, अनुशासन और कानून का पालन करते हुए। उन्होंने गणेश मंडलों से ध्वनि सीमा, मिरवणुक के नियम, यातायात व्यवस्था और प्रशासन की सभी हिदायतों का सख्ती से पालन करने और प्रतिबंधित लेज़र लाइट का इस्तेमाल न करने को कहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर भरोसा न करने, उन्हें आगे न भेजने और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्धा पुलिस दल जनता की सेवा के लिए चौबीसों घंटे तैयार है और नागरिकों से सहयोग की उम्मीद जताई।

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