चंद्रपुर: प्रियदर्शनी सभागृह में मैनेजर पद के लिए भर्ती, 16,000 रुपये मानधन
जिलाधिकारी कार्यालय के अधीन सांस्कृतिक सभागृह में 11 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर भर्ती, आवेदन की आखिरी तारीख 25 सितंबर 2026
चंद्रपुर में नौकरी ढूंढने वाले अनुभवी उम्मीदवारों के लिए एक अहम मौका सामने आया है। जिलाधिकारी कार्यालय के अधीन चलने वाले प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी सांस्कृतिक सभागृह में मैनेजर पद के लिए आवेदन मंगवाए जा रहे हैं। यह भर्ती 11 महीने के कॉन्ट्रैक्ट पर की जाएगी और चुने गए मैनेजर को हर महीने 16 हजार रुपये मानधन दिया जाएगा।
इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को अपना आवेदन 25 सितंबर 2026 तक जमा करना होगा। इस बारे में निवासी उपजिलाधिकारी डी. एस. कुंभार ने आधिकारिक पत्रक जारी किया है।
चंद्रपुर स्थित इस सांस्कृतिक सभागृह में मानधन के आधार पर काम करने के लिए योग्य और अनुभवी लोगों से आवेदन मंगाए गए हैं। यह नियुक्ति फिलहाल अस्थायी रहेगी और 11 महीने के लिए कॉन्ट्रैक्ट के तहत की जाएगी।
पद के लिए योग्यता की बात करें तो रिटायर्ड अधिकारी या कर्मचारी, या फिर सरकारी अथवा गैर-सरकारी दफ्तर में कम से कम 10 साल का अनुभव रखने वाला व्यक्ति इस पद के लिए पात्र होगा। आवेदक का चंद्रपुर मुख्यालय में रहना जरूरी है और उसके पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही कंप्यूटर की जानकारी और एमएस-सीआईटी (MS-CIT) पास होना भी अनिवार्य है। चुने गए मैनेजर को प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी सांस्कृतिक सभागृह की देखरेख और रखरखाव करना होगा। इसके अलावा अलग-अलग लोगों और संस्थाओं के कार्यक्रमों के लिए नाट्यगृह बुक करना, सभागृह की आमदनी और खर्च का हिसाब रखना, वहां होने वाली घटनाओं का रिकॉर्ड रखना और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों के मुताबिक काम करना भी उसकी जिम्मेदारी होगी।
जो लोग आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें जरूरी कागजात के साथ सहायक करमणूक कर अधिकारी, जिलाधिकारी कार्यालय, चंद्रपुर के पास 15 से 25 सितंबर 2026 के बीच ऑफिस टाइम में आवेदन जमा करना होगा। 25 सितंबर के बाद आने वाले आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
जिस उम्मीदवार का चुनाव होगा, उसकी नियुक्ति जिलाधिकारी, चंद्रपुर के अधिकार में 11 महीने के लिए पूरी तरह अस्थायी और कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर की जाएगी। इस दौरान अगर काम संतोषजनक नहीं पाया गया, तो बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा खत्म करने का अधिकार प्रशासन के पास रहेगा। इस नियुक्ति से किसी नियमित नौकरी का हक नहीं बनेगा। साथ ही छुट्टी, मुआवजा, मेडिकल रीइम्बर्समेंट, सेवा वरिष्ठता, पेंशन या दूसरे किसी सर्विस बेनिफिट का हकदार यह व्यक्ति नहीं होगा।
अगर मैनेजर की लापरवाही या गलती से सभागृह को कोई आर्थिक नुकसान होता है, तो वह रकम मानधन से वसूलने का अधिकार जिलाधिकारी के पास रहेगा। कॉन्ट्रैक्ट की अवधि पूरी होते ही सेवा अपने आप खत्म हो जाएगी। अगर काम संतोषजनक रहा, तो नियमों के मुताबिक आगे की अवधि के लिए एक्सटेंशन देने का अधिकार जिलाधिकारी ने अपने पास रखा है। नियुक्ति की अवधि पूरी होने से पहले अगर कोई नौकरी छोड़ना चाहता है, तो उसे एक महीने पहले लिखित नोटिस देना होगा। नोटिस नहीं देने पर एक महीने का मानधन काट लिया जाएगा। नियुक्त व्यक्ति को दिए गए काम और जिलाधिकारी के समय-समय पर दिए जाने वाले निर्देशों के मुताबिक काम करना जरूरी होगा, ऐसा निवासी उपजिलाधिकारी डी. एस. कुंभार ने पत्रक के जरिए बताया है।