गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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00:22 IST

चंद्रपूर में सागवान की लकड़ी से बनी चीजों का मोबाइल स्टॉल शुरू, महिलाओं को मिलेगा रोजगार

माविम और एफडीसीएम ने मिलकर चंद्रपूर में सागवान की लकड़ी से बनी चीजों की बिक्री के लिए फिरता स्टॉल शुरू किया, जिसका उद्घाटन जिलाधिकारी वसुमना पंत ने किया।

चंद्रपूर में सागवान की लकड़ी से बनी चीजों का मोबाइल स्टॉल शुरू, महिलाओं को मिलेगा रोजगार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चंद्रपूर में आज सागवान की लकड़ी से बनी चीजों को बेचने के लिए एक फिरता स्टॉल शुरू किया गया। इस स्टॉल का उद्घाटन जिलाधिकारी वसुमना पंत के हाथों हुआ। इसे शुरू करने का काम महिला आर्थिक विकास महामंडल यानी माविम और महाराष्ट्र वन विकास महामंडल यानी एफडीसीएम ने मिलकर किया है।

इस पहल के पीछे मकसद यही है कि महिलाओं को रोजगार मिले और उनके बनाए सामान को बेचने के लिए पक्की बाजार मिल सके। जिले में सागवान की लकड़ी भरपूर मात्रा में उपलब्ध है, और उसी का सही इस्तेमाल कर महिलाओं के हुनर को व्यावसायिक रूप दिया जा रहा है। यहां सागवान की लकड़ी से बनी बढ़िया और आकर्षक चीजें बेचने के लिए रखी गई हैं।

इस मौके पर एफडीसीएम की प्रादेशिक व्यवस्थापक दिव्य भारती, विभागीय व्यवस्थापक गणेश मोटकर, सहायक विभागीय व्यवस्थापक रुपेश पाटील, वन संरक्षण अधिकारी संभाजी कोंडेवार मौजूद थे। इनके अलावा माविम के जिला समन्वय अधिकारी प्रदीप काठोले, जिला प्रकल्प सल्लागार भूषण मुंजेकर, नरेंद्र बनकर, अमित चवरे भी वहां थे। खुशिया लोकसंचालित साधन केंद्र की अध्यक्षा सुनिता गणफाडे और व्यवस्थापक शारदा हुसे भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं।

चंद्रपूर के बढ़िया सागवान की पहचान को और बड़ा करना और साथ ही महिलाओं को रोजगार और अपना सामान बेचने का मौका देना, इस पहल का मुख्य मकसद है। जिले की वन संपदा का सही उपयोग कर महिलाओं के हुनर को कारोबार का रूप देने की कोशिश माविम और एफडीसीएम की तरफ से की जा रही है।

इस फिरते स्टॉल में सागवान की लकड़ी से बनी आकर्षक मूर्तियां, तरह-तरह का फर्नीचर, कुर्सियां, टेबल, दरवाजे, कटिंग बोर्ड, मोमेंटो, नेमप्लेट और सजावट का सामान बेचने के लिए रखा गया है। इसके अलावा हाथ से बनी कई तरह की कलाकृतियां भी यहां मिलेंगी। बढ़िया क्वालिटी की सागवान की लकड़ी, आकर्षक डिजाइन और महिलाओं की मेहनत से बना यह सामान खास बन गया है।

इस पहल से महिलाओं के बनाए सामान को बाजार तो मिलेगा ही, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बनेगा, हुनर को निखारने का मौका मिलेगा और महिला बचत गटों के छोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से सागवान की लकड़ी से बनी बढ़िया चीजें खरीदकर महिला उद्यमियों को हौसला दें।

इन उत्पादों के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए माविम द्वारा चलाए जा रहे खुशिया लोकसंचालित साधन केंद्र, चंद्रपूर से संपर्क किया जा सकता है।

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