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00:24 IST

चंद्रपूर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, पुराने केस निपटाने का मौका

जिला विधी सेवा प्राधिकरण की तरफ से चंद्रपूर शहर और पूरे जिले में शनिवार को लोक अदालत लगाई जा रही है, जिसमें पेंडिंग सिविल और क्रिमिनल केस आपसी समझौते से निपटाए जाएंगे।

चंद्रपूर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, पुराने केस निपटाने का मौका
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

चंद्रपूर शहर और जिले भर में शनिवार, 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है। यह लोक अदालत जिला विधी सेवा प्राधिकरण की तरफ से लगाई जा रही है, और इसका मकसद है कोर्ट में लटके पड़े झगड़ों को आपसी समझौते से निपटाना। इस पूरी मुहिम की अगुवाई प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश अभय क. लाहोटी कर रहे हैं। 11 सितंबर को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वकीलों और पक्षकारों से इसमें शामिल होने की अपील की गई थी।

प्रशासन का कहना है कि नागरिकों को इस मौके का फायदा उठाकर अपने दीवानी और फौजदारी झगड़े सुलझा लेने चाहिए, क्योंकि इससे वक्त और पैसा दोनों की बड़ी बचत होती है।

यह पूरे देश में चलने वाली मुहिम है, जो राष्ट्रीय विधी सेवा प्राधिकरण (सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली) और महाराष्ट्र राज्य विधी सेवा प्राधिकरण (हाईकोर्ट, मुंबई) के निर्देश पर स्थानीय स्तर पर लागू की जा रही है। चंद्रपूर में इसे जिला विधी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अभय क. लाहोटी की देखरेख में चलाया जा रहा है, और जिले के सभी वकीलों, पक्षकारों व आम नागरिकों से इसमें ज्यादा से ज्यादा भाग लेने की अपील की गई है।

लोक अदालत की खासियत यह है कि यहां जो भी फैसला होता है, उसे सीधे दीवानी अदालत के हुकूमनामे जैसी ही कानूनी मान्यता मिलती है, और उसे उसी तरह लागू भी किया जा सकता है। इसमें कोई अतिरिक्त कोर्ट फीस या खर्च नहीं देना पड़ता। चूंकि दोनों पक्षों की मर्जी से मामला सुलझता है, इसलिए न तो कोई हारता है न कोई जीतता है, बल्कि दोनों पक्षों को संतोष मिलता है, जिससे आगे चलकर नई दुश्मनी या नए झगड़े की गुंजाइश भी कम हो जाती है।

जिला मुख्यालय के साथ-साथ जिले की सभी तालुका अदालतों में भी यह लोक अदालत एक ही दिन लगेगी। इसमें पेंडिंग दीवानी केस, समझौता होने लायक फौजदारी मामले, धारा 138 एनआई एक्ट के तहत चेक बाउंस के केस, बैंकों की कर्ज वसूली से जुड़े मामले, मोटर वाहन दुर्घटना मुआवजे के दावे, जमीन अधिग्रहण से जुड़ी अर्जियां, लेबर लॉ के केस, मकान मालिक-किरायेदार विवाद, तलाक को छोड़कर बाकी सारे पारिवारिक झगड़े, और बिजली कानून के तहत समझौता होने लायक मामले रखे जाएंगे। इसके अलावा जो केस अभी कोर्ट में दाखिल भी नहीं हुए हैं ऐसे प्री-लिटिगेशन मामले, महसूल से जुड़े दावे, बकाया पानी बिल और बिजली बिल के विवाद भी यहां आपसी बातचीत से सुलझाए जा सकेंगे।

जिला विधी सेवा प्राधिकरण के सचिव सुधीर शि. इंगळे ने लोगों से कहा है कि जिन पक्षकारों को अपने विवादित मामले इस लोक अदालत में निपटाने हैं, वे तुरंत संबंधित अदालत या फिर जिला विधी सेवा प्राधिकरण के दफ्तर, चंद्रपूर से संपर्क करें। लोगों की मदद के लिए और ज्यादा जानकारी लेने के लिए प्रशासन ने फोन नंबर 07172-271679 और मोबाइल नंबर 8591903934 पर हेल्पलाइन भी शुरू की है। प्राधिकरण की तरफ से अपील की गई है कि पक्षकार आगे आएं और कोर्ट के चक्कर से हमेशा के लिए छुटकारा पाएं।

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