गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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03:49 IST

भर्ती परीक्षा में सुधार को लेकर नागपुर में सुझाव मांगे गए

सरकारी भर्ती परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति 16 सितंबर को नागपुर आएगी, इससे पहले जिलाधिकारी कार्यालय में सुझाव लेने के लिए विशेष कक्ष खोला गया है।

भर्ती परीक्षा में सुधार को लेकर नागपुर में सुझाव मांगे गए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

वर्धा से आई खबर के मुताबिक सरकारी भर्ती परीक्षा को ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शी, भरोसेमंद और उम्मीदवारों के हित में बनाने के लिए, साथ ही परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई है। यह समिति 16 सितंबर को सुबह 11 बजे नागपुर के सिविल लाइन स्थित नियोजन भवन में पहुंचेगी। इसी दौरे को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में सुधार के लिए लोगों से सुझाव और राय मांगी गई है।

समिति के कामकाज के तहत छात्रों, उम्मीदवारों, शिक्षण संस्थाओं के प्रतिनिधियों और बाकी संबंधित लोगों से बातचीत कर सुधार के लिए सुझाव और राय ली जाएगी। इसी सिलसिले में समिति नागपुर आ रही है। समिति के दौरे को देखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय, नागपुर में एक विशेष कक्ष बनाया जा रहा है, जो बुधवार 9 सितंबर से मंगलवार 15 सितंबर तक काम के लिए खुला रहेगा।

राज्य में भर्ती परीक्षा की व्यवस्था को और मजबूत और पारदर्शी बनाने के मकसद से संबंधित लोगों से कहा गया है कि वे सीधे कक्ष में आकर या ई-मेल के जरिए अपने सुझाव, सिफारिशें, आपत्तियां और निवेदन जमा करें। सुझाव और राय नोडल अधिकारी सह निवासी उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी कार्यालय, नागपुर के स्वीय सहायक कक्ष में 9 से 15 सितंबर के बीच स्वीकार किए जाएंगे। जो लोग सीधे नहीं आ सकते, वे अपने लिखित सुझाव nagpur-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in पर ई-मेल से भी भेज सकते हैं।

सुझाव मुख्य रूप से राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों, प्राधिकरणों और परीक्षा लेने वाली संस्थाओं की मौजूदा परीक्षा पद्धति और कार्यशैली से जुड़े हो सकते हैं। इसमें परीक्षा को सुरक्षित, भरोसेमंद, निष्पक्ष और उम्मीदवार केंद्रित बनाने के उपाय, प्रश्नपत्र तैयार करने, मॉडरेशन, डिजिटल या प्रिंट वितरण, गोपनीय ढुलाई, परीक्षा केंद्रों के इंतजाम, उत्तर पत्रिकाओं की रजिस्ट्रेशन, मूल्यांकन और नतीजों की प्रक्रिया में सुरक्षा, डिजिटल सिस्टम, बायोमेट्रिक पहचान, एंट्री कंट्रोल, ऑडिट ट्रेल और सीसीटीवी निगरानी जैसी तकनीक के असरदार इस्तेमाल के सुझाव शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा पेपर लीक, गोपनीयता भंग होने, फर्जी उम्मीदवार, मिलीभगत और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सख्त उपाय और जिम्मेदारी तय करने, दूसरे राज्यों या देशों की कामयाब और आधुनिक परीक्षा प्रणालियों का अध्ययन कर उन्हें राज्य में लागू करने, परीक्षा केंद्रों की चुनाई, बुनियादी सुविधा, सुरक्षा, स्टाफ और तैयारी के न्यूनतम मानक तय करने, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस, शिक्षा विभाग और परीक्षा संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने, तथा उम्मीदवारों के लिए तेज और पारदर्शी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाकर परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा मजबूत करने से जुड़े सुझाव भी दिए जा सकते हैं।

मिले सुझावों और राय को इकट्ठा कर सरकार की उच्चस्तरीय समिति को सौंपा जाएगा। समिति इन सिफारिशों का गहराई से अध्ययन कर राज्य सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट देगी। जिले के छात्रों, स्पर्धा परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों, अभिभावकों, शिक्षकों, शिक्षण संस्थाओं, कोचिंग क्लास चलाने वालों, अध्ययन कक्ष चलाने वालों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से सक्रिय भागीदारी निभाकर अपने सुझाव और राय देने की अपील की गई है।

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