भाईंदर में गणेश मूर्ति के आगमन के दौरान अचानक गिरी, फोटो खींच रहे युवक के पैर में चोट
भाईंदर में गणेशमूर्ति के आगमन के दौरान मूर्ति अचानक गिर गई, जिससे पास खड़े एक युवक को चोट लगी। शुरुआत में सड़क के गड्ढे को कारण बताया गया, लेकिन जांच में कोई गड्ढा नहीं मिला।
भाईंदर में शनिवार शाम सार्वजनिक गणेशोत्सव के लिए मूर्ति का आगमन कराते समय एक चौंकाने वाली घटना हुई। नवघर से भाईंदर पश्चिम की तरफ शीतल छाया मित्र मंडल के मंडप की ओर मूर्ति ले जाई जा रही थी, तभी गोल्डन नेस्ट चौक पर अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और मूर्ति नीचे गिरकर टूट गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे यह मूर्ति नवघर से भाईंदर पश्चिम ले जाई जा रही थी। शीतल छाया मित्र मंडल के मंडप में मूर्ति की स्थापना के लिए आगमन जुलूस की तैयारी की गई थी। लेकिन गोल्डन नेस्ट चौक पर पहुंचते ही अचानक मूर्ति का तोल गया और कुछ ही पलों में वह नीचे गिर गई।
मूर्ति के अचानक गिरने से वहां मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में गणेशमूर्ति को नुकसान पहुंचा और वह टूट गई। आगमन समारोह के दौरान हुई इस घटना से मंडल के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ वहां मौजूद भक्तों में भी चिंता जताई गई।
मूर्ति के आगमन के वक्त एक युवक उसका फोटो खींच रहा था। मूर्ति के बिल्कुल पास खड़े इस युवक के पैर में मूर्ति गिरने से चोट आई। राहत की बात यह है कि यह चोट मामूली बताई जा रही है और युवक का इलाज किया जा रहा है।
इस हादसे में बड़ी जनहानि नहीं होने से वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन सार्वजनिक गणेशमूर्ति का आगमन कराते वक्त सुरक्षा का ध्यान रखने का मुद्दा इस घटना के बाद फिर से चर्चा में आ गया है।
शुरुआत में यह आरोप लगाया गया था कि सड़क पर मौजूद गड्ढे की वजह से मूर्ति गिरी। इससे इलाके की सड़कों की हालत को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई थी। लेकिन घटनास्थल की जांच करने पर उस रास्ते पर मूर्ति गिरने का कारण बन सके, ऐसा कोई गड्ढा नहीं मिला।
इसलिए शुरुआती जानकारी के मुताबिक अंदाजा लगाया जा रहा है कि मूर्ति गड्ढे की वजह से नहीं, बल्कि अचानक तोल जाने से गिरी। मूर्ति का तोल ठीक किस वजह से गया, इसकी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
गणेशोत्सव के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में सार्वजनिक मंडलों की गणेशमूर्तियों का आगमन बड़े उत्साह से कराया जाता है। इस दौरान बड़ी मूर्तियां, वाहन और बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं, इसलिए ऐसे जुलूसों में खास सावधानी बरतना जरूरी होता है।
भाईंदर की इस घटना में बड़ा हादसा टल गया, लेकिन मूर्ति ले जाते वक्त सही योजना, पर्याप्त जगह और मौजूद लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अहमियत एक बार फिर सामने आई है। इस घटना के बाद शीतल छाया मित्र मंडल की गणेशमूर्ति का आगे क्या किया गया और नई मूर्ति की व्यवस्था होगी या नहीं, इस पर अब भक्तों की नजर टिकी है।