बालू घाट नीलामी के नए नियम जारी, बेसा-पिपला में पानी सुधारने के निर्देश
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने रेत घाटों की नीलामी में पारदर्शिता के लिए नए नियम जारी किए और नागपुर के बेसा-पिपला में जलापूर्ति दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
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महाराष्ट्र में बालू और रेत घाटों की नीलामी में अब पहले से ज्यादा पारदर्शिता आएगी। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने इसके लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, ताकि नीलामी प्रक्रिया सुचारू चले, अवैध उत्खनन पर रोक लगे और सरकार को होने वाला राजस्व का नुकसान भी थमे।
नए नियमों के मुताबिक जिन बालू घाटों को पर्यावरण मंजूरी मिल चुकी है, उन सबकी नीलामी अब तालुका स्तर पर एक साथ की जाएगी। पहले अलग-अलग जिलों में अलग तरीके से नीलामी होने से देरी होती थी, नई व्यवस्था से यह दिक्कत खत्म होगी। नीलामी तीन चरणों में पूरी करनी होगी। पहले चरण में कम से कम तीन बोलीदाता चाहिए होंगे, दूसरे चरण में कम से कम दो और तीसरे चरण में कम से कम एक। अगर तीनों चरणों के बाद भी नीलामी नहीं हो पाती, तो वे बालू घाट स्थानीय इस्तेमाल के लिए रिजर्व रखे जाएंगे।
अब ई-ऑक्शन के साथ-साथ ई-टेंडरिंग भी अनिवार्य कर दी गई है। अगर सबसे ज्यादा बोली लगाने वाला (एच-1) रकम जमा नहीं करता, तो मौका एच-2 और फिर एच-3 को दिया जाएगा। दस्तावेजों में कोई कमी रह जाए तो महाटेंडर्स पोर्टल पर एक दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। जिलाधिकारियों को कानूनी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गणेशोत्सव और राज्य में मंडरा रहे सूखे के खतरे को देखते हुए बावनकुले ने आंदोलनकारियों से अपील की कि वे मुंबई में प्रदर्शन न करें। उन्होंने कहा कि बंबई हाईकोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। मनोज जरांगे के आंदोलन को लेकर उन्होंने कहा कि ओबीसी हो या मराठा समाज, किसी के भी अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा समुदाय को न्याय दिलाने के लिए बड़े फैसले लिए हैं, और सरकार समुदाय की मांगों को लेकर संवेदनशील है, इसलिए आंदोलनकारियों को सरकार को थोड़ा वक्त देना चाहिए।
इसके अलावा नागपुर जिले के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बेसा-पिपला नगर पंचायत क्षेत्र की जलापूर्ति योजना की समीक्षा बैठक में जलापूर्ति की अनियमितता दूर कर लोगों को नियमित और साफ पानी देने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक में नगर अध्यक्ष कीर्ति बडोले, उपाध्यक्ष नरेश भोयर, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, उपविभागीय अधिकारी वंदना सौरंगफ्ते, भूमि अभिलेख जिला अधीक्षक मोहिते और मुख्य अधिकारी भारत नंदनवार मौजूद थे। निर्माण कार्यों के लिए लिए गए अवैध पानी के कनेक्शन तुरंत काटने और लीकेज से होने वाली पानी की बर्बादी रोकने के निर्देश दिए गए। महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) की जलापूर्ति दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी, मनपा आयुक्त, एनएमआरडीए और एमजेपी को मिलकर काम करने को कहा गया। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की तकनीकी खामियां दूर कर साफ पानी देने और रिसाव रोकने के लिए नगर पंचायत प्रशासन को तुरंत एक्शन प्लान तैयार कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मौजा पिपला, घोगली, बेसा और बेलतरोड़ी में जमीन के पट्टे जल्दी बांटने और लोकशाहीर अन्नाभाऊ साठे नागरिक दलित बस्ती सुधार योजना के तहत पीने का पानी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने को भी कहा गया।