32 दिन बाद बुध होगा उदय, मिथुन-वृश्चिक-धनु राशि वालों की बढ़ेंगी मुश्किलें
ज्योतिष के मुताबिक शुक्रवार 18 सितंबर को बुध कन्या राशि में उदय होगा, जिसका असर कुछ राशियों पर पड़ सकता है।
हिंदू धर्म में ज्योतिषशास्त्र को खास अहमियत दी जाती है। ग्रहों की चाल और उनमें होने वाले बदलावों के आधार पर भविष्य को लेकर तरह-तरह के अनुमान लगाए जाते हैं। ज्योतिष के हिसाब से बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, कारोबार और सोचने-समझने की ताकत से जोड़ा जाता है। माना जाता है कि बुध की राशि बदलने या उसके उदय होने का सीधा असर करियर, पैसों की हालत, बातचीत के तरीके और फैसले लेने की क्षमता पर पड़ता है। कुछ राशियों के लिए यह तरक्की और नए मौके लेकर आ सकता है, तो वहीं कुछ को बढ़ती परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्योतिष के मुताबिक शुक्रवार 18 सितंबर को शाम 7:09 बजे बुध कन्या राशि में उदय होगा। करीब 32 दिन तक लग्न राशि में रहने के बाद बुध के उदय होने से कुछ राशियों को दिक्कतों से गुजरना पड़ सकता है। इस दौरान घर में झगड़े, रिश्तों में तनाव और पैसों से जुड़ी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। काम की जगह पर भी चुनौतियां बढ़ेंगी और किसी भी फैसले से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ज्योतिष के मुताबिक जिन राशियों को इस दौरान सतर्क रहने की जरूरत है, उनमें सबसे पहले मिथुन राशि आती है। मिथुन राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर मुश्किल भरा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सेहत से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं और काम की जगह पर आने वाली अड़चनों से नुकसान होने का अंदेशा है। मानसिक तनाव की वजह से सोच-समझकर फैसला लेना मुश्किल हो सकता है। जल्दबाजी में कोई नया काम शुरू करने से बचना चाहिए। बातचीत के दौरान अपने शब्दों को लेकर सावधान रहें, क्योंकि छोटी सी बात भी बड़े झगड़े की शक्ल ले सकती है। धैर्य बनाए रखें और हर फैसला सोच-समझकर लें।
वृश्चिक राशि वालों के लिए भी बुध का उदय चुनौतियां लेकर आने वाला है। पैसों की हालत डगमगाने से बजट गड़बड़ा सकता है, इसलिए फिजूलखर्ची पर लगाम रखना बेहतर रहेगा। इस दौरान आपके बोलने के तरीके का असर रिश्तों पर पड़ सकता है। जल्दबाजी में कुछ भी बोलने से विवाद हो सकता है। परिवार और अपनों के साथ मतभेद बढ़ने की आशंका है। इस वक्त शांत रहना और सोच-समझकर फैसला लेना ही समझदारी होगी।
धनु राशि वालों को भी बुध के उदय से कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बढ़ता मानसिक तनाव और चिंता रोजमर्रा के कामों पर असर डाल सकते हैं। कारोबार में नुकसान होने की आशंका है, वहीं पैसों के मामलों में सावधानी बरतना जरूरी है। जल्दबाजी में निवेश या पैसों का कोई भी लेन-देन करने से बचें, क्योंकि गलत फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। गाड़ी चलाते वक्त भी सावधानी बरतें और लापरवाही न करें, क्योंकि सफर के दौरान दिक्कतें आने की संभावना है।