NTA में शिक्षकों और भाषा विशेषज्ञों की भर्ती, 9 अक्टूबर तक करें अप्लाई
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने विषय विशेषज्ञों और ट्रांसलेशन रिव्यूअर के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया है, इच्छुक उम्मीदवार nta.ac.in पर आवेदन कर सकते हैं।
अगर आप टीचर हैं, रिसर्चर हैं या फिर एजुकेशन के फील्ड के जानकार हैं और देश की सबसे बड़ी एंट्रेंस एग्जाम प्रोसेस से जुड़ना चाहते हैं, तो आपके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA में काम करने का एक बढ़िया मौका सामने आया है। NTA देश और विदेश में NEET UG और JEE Main जैसी बड़ी एंट्रेंस एग्जाम कराती है। इन एग्जाम के लिए पेपर तैयार करने के वास्ते अब देशभर के काबिल एजुकेशन एक्सपर्ट और विशेषज्ञों को बुलाया जा रहा है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इसके लिए 'एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट' यानी EOI जारी किया है। इसके जरिए पात्र और अनुभवी लोग NTA से जुड़कर देश के मूल्यांकन सिस्टम का हिस्सा बन सकते हैं। इससे इन लोगों के एजुकेशनल एक्सपीरियंस को एक नया आयाम मिलेगा। पिछले कुछ समय से NTA की एग्जाम प्रक्रिया, पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों की वजह से विवादों में रही है। अब इस नई प्रक्रिया के जरिए देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं की पारदर्शिता और क्वालिटी मजबूत करने में आपका भी अहम योगदान हो सकता है।
एग्जाम सिस्टम को ज्यादा सटीक, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना इस नए कदम का मुख्य मकसद है। इस बार सिर्फ विषय विशेषज्ञों की भर्ती नहीं की जा रही, बल्कि आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस दौर में AI के जरिए किए गए ट्रांसलेशन की सटीकता जांचने के लिए स्पेशल ट्रांसलेशन रिव्यूअर की भी डिमांड रखी गई है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 9 अक्टूबर 2026 तक nta.ac.in नाम की ऑफिशियल वेबसाइट पर अप्लाई कर सकते हैं।
NTA के इस खास पैनल में शामिल होने वाले विषय विशेषज्ञों का काम सिर्फ सवाल तैयार करना नहीं होगा, बल्कि यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। इनमें तय सिलेबस के आधार पर हाई क्वालिटी वाले पेपर तैयार करना, पेपर का रिव्यू करना और सवालों की डिफिकल्टी लेवल चेक करना, एग्जाम का ब्लूप्रिंट पूरी तरह सही है या नहीं यह सुनिश्चित करना, और निष्पक्ष व पारदर्शक मॉडरेशन प्रोसेस में बेहद अहम रोल निभाना शामिल है।
NTA देशभर के स्टूडेंट्स के लिए कई क्षेत्रीय भाषाओं में एग्जाम कराती है। ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जरिए किए गए ट्रांसलेशन की सटीकता जांचने के लिए ट्रांसलेशन रिव्यूअर की नियुक्ति की जा रही है। कुल 13 भाषाओं के लिए ये रिव्यूअर चाहिए। ये रिव्यूअर यह पक्का करेंगे कि एग्जाम के सवाल सभी भारतीय भाषाओं में पूरी स्पष्टता और एकरूपता के साथ स्टूडेंट्स तक पहुंचें, ताकि किसी भी भाषा के स्टूडेंट को सवाल समझने में कोई कन्फ्यूजन या दिक्कत न हो।