आटपाडी में नाबालिग से रेप और हत्या के दोषी को फांसी, 70 साल के आरोपी को सजा
सांगली के आटपाडी में नाबालिग लड़की से रेप और हत्या के मामले में विटा सत्र न्यायालय ने 70 साल के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई, दो और मामलों में उम्रकैद।
सांगली के आटपाडी में एक नाबालिग लड़की से रेप करके उसकी हत्या करने के मामले में विटा सत्र न्यायालय ने 70 साल के आरोपी को फांसी की सजा सुनाई है। दोषी आरोपी का नाम शिवाजी कोंडीबा काळेल है, जो आटपाडी तालुका के गळवेवाडी गांव का रहने वाला है। इसी के साथ दो और नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के दो अलग-अलग मामलों में उसे मरते दम तक उम्रकैद की सजा भी सुनाई गई है। यह फैसला जिला व सत्र न्यायाधीश रविकरण भागवत की अदालत ने दिया। सरकार पक्ष की तरफ से सरकारी वकील आरती आनंद देशपांडे-साठविलकर ने पैरवी की।
यह मामला 7 जनवरी 2018 का है। आटपाडी तालुका के गळवेवाडी इलाके से दोपहर करीब चार बजे एक नाबालिग लड़की घर से लापता हो गई थी। रिश्तेदारों ने उसे हर जगह ढूंढा, लेकिन कहीं पता नहीं चला। अगले दिन सुबह गळवेवाडी के जगमाई कुएं में उसकी लाश मिली। मेडिकल जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उसके साथ रेप हुआ था और गला दबाकर उसकी हत्या की गई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या और रेप के एंगल से जांच शुरू कर दी। घटना के करीब छह महीने तक आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। इसी बीच 26 जुलाई 2018 को दो नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के मामले में शिवाजी काळेल के खिलाफ केस दर्ज हुआ। इस मामले की जांच के दौरान पीड़ित लड़कियों और उनकी मां के बयान कोर्ट में धारा 164 के तहत दर्ज किए गए। इन्हीं बयानों से जांच एजेंसी को पता चला कि 7 जनवरी को मरी हुई लड़की के साथ आरोपी मौजूद था। इसके बाद पुलिस ने इस दिशा में जांच तेज की और काळेल को हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया।
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि आरोपी ने पहले लाश छुपाने और फिर उसे कुएं में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की थी। पुलिस ने लोहे की कणगी, चादर समेत कई और चीजें जब्त कीं। चादर पर मिली टिकली को पीड़ित लड़की के दादा-दादी ने पहचाना। इसके अलावा कोल्हापुर की फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में साफ हुआ कि लोहे की कणगी में इंसानी खून के निशान मौजूद थे। इन सबूतों के साथ गवाहों के बयान और बाकी सबूत केस में अहम साबित हुए।
इस केस में सरकार पक्ष ने कुल 19 गवाहों की जांच कराई। सरकारी पक्ष की तरफ से पेश सबूत और दलीलें मानते हुए कोर्ट ने शिवाजी काळेल को नाबालिग लड़की से रेप और हत्या के मामले में दोषी करार दिया और उसे फांसी की सजा सुनाई। साथ ही दो और नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के मामलों में उसे मरते दम तक उम्रकैद की सजा दी गई। 2018 में हुई इस घटना का फैसला कई साल बाद आया है, और विटा सत्र न्यायालय के इस फैसले पर आटपाडी तालुका समेत पूरे सांगली जिले की नजर टिकी हुई थी।