13 महीने के इंतजार के बाद नांदणी मठ लौटी हथिनी माधुरी, गांव में जोरदार स्वागत
हाई-पावर्ड कमेटी की मंजूरी के बाद गुजरात के वनतारा रेस्क्यू सेंटर से नांदणी मठ लौटी हथिनी माधुरी का हजारों लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया, अब उसे जुलूस या धार्मिक यात्रा में शामिल नहीं किया जा सकेगा।
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कोल्हापुर जिले के नांदणी मठ की हथिनी माधुरी करीब 13 महीने बाहर रहने के बाद आखिरकार अपने घर लौट आई है। गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा रेस्क्यू सेंटर में रह रही माधुरी को हाई-पावर्ड कमेटी यानी HPC की मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार रात नांदणी मठ वापस लाया गया। उसकी वापसी की खबर से नांदणी गांव समेत पूरे कोल्हापुर जिले में खुशी की लहर दौड़ गई।
दरअसल 30 जुलाई 2025 को अदालत के एक आदेश के बाद माधुरी को वनतारा रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया था। तभी से नांदणी के स्थानीय लोग और पशुप्रेमी लगातार मांग कर रहे थे कि माधुरी को वापस मठ लाया जाए। इन प्रयासों के कई महीनों बाद 9 सितंबर 2026 को HPC ने आखिरकार माधुरी की वापसी को हरी झंडी दे दी।
माधुरी को नांदणी लाने के लिए वनतारा के CEO विवान कर्णिक की अगुवाई में करीब 40 लोगों की टीम एनिमल एंबुलेंस के साथ पहुंची। रास्ते में जैसे ही लोगों को उसके आने की खबर मिली, कई जगहों पर लोग सड़क किनारे जमा हो गए और फूल बरसाकर उसका स्वागत किया।
नांदणी पहुंचने पर तो नजारा ही अलग था। गांव को रंगोली और रोशनी से सजाया गया था, जगह-जगह स्वागत बैनर और होर्डिंग लगे थे। मठ परिसर में बड़ी तादाद में लोग जमा हुए और ढोल-ताशों के साथ पुष्पवर्षा करके माधुरी का भव्य स्वागत किया।
इस मौके पर कई ग्रामीण भावुक भी हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 13 महीने पहले जब माधुरी को नांदणी से वनतारा ले जाया जा रहा था, तब विदाई के वक्त लोगों ने उसे फल खिलाए थे। अब वापसी पर माधुरी ने अपने नए बाड़े में रखे फल और गन्ना खाया, यह देखकर वहां मौजूद लोगों में खुशी छा गई।
HPC ने माधुरी को वापस भेजते वक्त उसकी देखभाल और इस्तेमाल को लेकर कुछ जरूरी शर्तें भी तय की हैं। इन शर्तों के मुताबिक माधुरी को अब किसी भी जुलूस या धार्मिक जुलूस में शामिल नहीं किया जा सकेगा। साथ ही उसकी 24 घंटे निगरानी और देखभाल का इंतजाम करना जरूरी होगा। इसके अलावा हर 15 दिन में वनतारा के पशु चिकित्सकों की टीम माधुरी की सेहत की जांच करेगी।
13 महीने बाद माधुरी की नांदणी वापसी को स्थानीय नागरिकों और पशुप्रेमियों की लंबी लड़ाई की जीत माना जा रहा है। माधुरी के घर लौटने के बाद से नांदणी मठ और आसपास के इलाके में जैसे उत्सव का माहौल बना हुआ है।