गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:59 IST

तिरंदाजी वर्ल्ड कप: धीरज बोम्मादेवरा 16 साल बाद गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने

भारतीय रिकर्व तिरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने वर्ल्ड कप फाइनल में जापान के खिलाड़ी को शूट-ऑफ में हराकर इतिहास रच दिया।

तिरंदाजी वर्ल्ड कप: धीरज बोम्मादेवरा 16 साल बाद गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारतीय रिकर्व तिरंदाज धीरज बोम्मादेवरा ने तिरंदाजी वर्ल्ड कप के फाइनल में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ा इतिहास बना दिया है। धीरज ऐसा करने वाले पहले भारतीय पुरुष तिरंदाज बन गए हैं। टॉप सीड धीरज ने एक जबरदस्त रोमांचक शूट-ऑफ में जापान के नाकानिशी जुन्या को मात दी। वर्ल्ड रैंकिंग में 10वें नंबर पर मौजूद 25 साल के इस खिलाड़ी ने 2023 और 2024 सीजन की निराशा को पीछे छोड़ते हुए यह शानदार परफॉर्मेंस दिया।

फाइनल मुकाबले की बात करें तो धीरज ने वर्ल्ड रैंकिंग में 20वें नंबर के नाकानिशी को 6-5 (28-28, 28-29, 29-28, 28-30, 28-27) के स्कोर से हराया। पांच सेट के इस मैच के बाद स्कोर 5-5 से बराबर था, जिसके बाद शूट-ऑफ में धीरज ने 10-9 से बाजी मार ली। धीरज इसी महीने होने वाली एशियन गेम्स में भी हिस्सा लेंगे। वो 2022 में सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं।

उद्योगपति आनंद महिंद्रा भी धीरज की इस ऐतिहासिक जीत के मुरीद हो गए और उन्होंने इस पर ट्वीट कर बधाई दी। महिंद्रा ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जब एक आर्मी वाले को इतिहास रचने के लिए बस एक तीर की जरूरत थी, तो उसने परफेक्ट 10 का निशाना लगाया। धीरज बोम्मादेवरा तिरंदाजी वर्ल्ड कप फाइनल में रिकर्व खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बने। लेकिन शायद इसके पीछे इससे भी बड़ी कहानी है।

महिंद्रा ने आगे लिखा कि पिछली एशियन चैंपियनशिप में भारत ने छह गोल्ड मेडल के साथ कोरिया को पीछे छोड़ा था। इस साल भारतीय तिरंदाजों ने वर्ल्ड कप में कोरिया और चीन जैसी पारंपरिक ताकतवर टीमों को बार-बार हराया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या हम भारतीय तिरंदाजी के गोल्डन एरा की दहलीज पर खड़े हैं, और खुद ही जवाब दिया कि ऐसा लगता तो यही है कि हम उसी मुहाने पर हैं।

इस जीत के साथ धीरज वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष रिकर्व तिरंदाज बन गए हैं। उन्होंने भारतीय पुरुष रिकर्व तिरंदाजी के लिए इस प्रतिष्ठित खिताब का 16 साल का इंतजार भी खत्म कर दिया। इससे पहले 2010 में एडिनबर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले जयंत तालुकदार आखिरी भारतीय पुरुष रिकर्व तिरंदाज थे जिन्होंने पदक जीता था।

धीरज के अलावा डोला बनर्जी अकेली भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने 2007 में दुबई में महिलाओं का इंडिविजुअल खिताब अपने नाम किया था। वर्ल्ड कप फाइनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा मेडल जीतने का रिकॉर्ड दीपिका कुमारी के नाम है। दीपिका आठ बार फाइनल में पहुंची हैं और उन्होंने पांच सिल्वर व एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है।

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