ठाणे में गणेश विसर्जन के दौरान 18600 किलो निर्माल्य का वैज्ञानिक तरीके से निपटान
ठाणे महानगरपालिका के अभियान को नागरिकों का जबरदस्त समर्थन, निर्माल्य से बनेगी जैविक खाद
मंगलवार को डेढ़ दिन के गणपति बाप्पा को विदाई दी गई और इस दौरान ठाणेकरों ने पर्यावरण के अनुकूल विसर्जन को भरपूर साथ दिया। गणेशोत्सव के दौरान तालाबों और अन्य जलस्रोतों में प्रदूषण न फैले, इसके लिए ठाणे महानगरपालिका ने जो पर्यावरणपूरक विसर्जन मुहिम चलाई है, उसे शहर के लोगों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है।
मंगलवार को हुए डेढ़ दिन के विसर्जन के दौरान कुल 20 हजार 703 गणेश मूर्तियों को विदा किया गया। इसी दौरान महानगरपालिका ने करीब 18 हजार 600 किलो निर्माल्य इकट्ठा किया। इस पूरे निर्माल्य को वैज्ञानिक तरीके से ठिकाने लगाकर उससे जैविक खाद बनाने का काम शुरू कर दिया गया है।
ठाणे महानगरपालिका के घनकचरा व्यवस्थापन विभाग ने इस बार निर्माल्य के प्रबंधन की योजना विकेंद्रित तरीके से बनाई थी। विसर्जन घाटों, कृत्रिम तालाबों और मूर्ति संकलन केंद्रों पर भक्तों द्वारा चढ़ाया गया निर्माल्य तुरंत उठाकर शहर के तीन मुख्य प्रक्रिया केंद्रों तक पहुंचाया गया।
हिरानंदानी इस्टेट, ऋतु पार्क और कौसा में लगे मैकेनिकल बायो-कंपोस्टिंग प्रोजेक्ट में इस निर्माल्य को वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेस करके जैविक खाद तैयार की जा रही है। महानगरपालिका की अपील का असर यह हुआ कि निर्माल्य में प्लास्टिक डालने का चलन नागरिकों ने काफी हद तक कम कर दिया। जो 18 हजार 600 किलो निर्माल्य जमा हुआ, उसमें प्लास्टिक की थैलियों का प्रमाण महज 3 प्रतिशत ही निकला। महानगरपालिका के कर्मचारियों ने इस न गलने वाले प्लास्टिक को निर्माल्य से अलग करके सीधे मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर भेज दिया, ताकि उसका निपटान हो सके।
गणेशोत्सव के दौरान भारी मात्रा में बनने वाले निर्माल्य को समय रहते ठीक से इकट्ठा करना, उसकी छंटाई करना और फिर वैज्ञानिक तरीके से उसका दोबारा इस्तेमाल करना, इससे प्रशासन को ठाणे के तालाबों, खाड़ी किनारों और बाकी जलस्रोतों में प्रदूषण रोकने में मदद मिल रही है। महानगरपालिका प्रशासन ने भक्तों से अपील की है कि आने वाले 5वें, 7वें और अनंत चतुर्दशी के विसर्जन के समय भी निर्माल्य को जलस्रोतों में न डालकर महानगरपालिका के निर्माल्य कलश में ही अर्पित करें, ताकि पर्यावरणपूरक व्यवस्थापन में सहयोग बना रहे।
बायो-कंपोस्टिंग पद्धति से निर्माल्य से खाद बनाने के लिए ठाणे महानगरपालिका के घनकचरा विभाग के बायो-कंपोस्टिंग खाद प्रोजेक्ट में कुल 18 हजार 600 किलो निर्माल्य जमा किया गया। इस निर्माल्य को प्रोसेस करके उससे जैविक खाद बनाई जाएगी, वहीं निर्माल्य में मौजूद न गलने वाले घटकों को अलग छांटकर उन्हें पुनर्प्रक्रिया के लिए भेजा जाएगा।