गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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05:20 IST

शिवडी के राजा के अमृत महोत्सवी साल में अनोखा देखावा; मुंबई में साकार हुई 'पानी के नीचे की द्वारका'

शिवडी के राजा गणेश मंडल ने अपने 75वें यानी अमृत महोत्सवी साल में एक अनोखी थीम पेश की है, जिसमें आधुनिक तकनीक की मदद से पानी के नीचे बसी द्वारका नगरी को मुंबई में उतारा गया है।

शिवडी के राजा के अमृत महोत्सवी साल में अनोखा देखावा; मुंबई में साकार हुई 'पानी के नीचे की द्वारका' तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

गणेशोत्सव को अब बस दो दिन बाकी रह गए हैं और मुंबई में हर तरफ बप्पा के स्वागत की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। गणेश मंडल अपने-अपने देखावों को आखिरी रूप देने में जुटे हैं, इसी बीच शिवडी के राजा ने इस बार एक अलग ही इतिहास रच दिया है। एशिया की एक अनोखी सोच से उन्होंने सीधे 'पानी के नीचे की द्वारका' खड़ी कर दी है।

शिवडी के राजा का यह 75वां यानी अमृत महोत्सवी साल है। इसी मौके पर तैयार किए गए इस भव्य देखावे और श्री गणेश जी की मूर्ति का आज तुतारी, ढोल, शंख और घंटा की पारंपरिक आवाजों के बीच अनावरण किया गया।

यह देखावा करीब 130 फुट लंबा, 65 फुट चौड़ा और 45 फुट ऊंचा है। इसमें लगभग 1,000 चौरस फुट का एलईडी स्क्रीन, अत्याधुनिक होलोग्राम तकनीक, लेजर लाइट इफेक्ट्स और वातानुकूलित सेट का इस्तेमाल किया गया है। इसे तैयार करने के लिए पिछले डेढ़ महीने से 70 से 80 कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की है।

यह देखावा प्रबोधनकार ठाकरे उद्यान, शिवडी बस डिपो के सामने, शिवडी में खड़ा किया गया है। गुजरात में गोमती नदी और अरब सागर जहां मिलते हैं, वहां बसी पौराणिक द्वारका नगरी इस बार मुंबईकरों को शिवडी में ही देखने को मिलेगी। मशहूर आर्ट डायरेक्टर अमन विधाते के आइडिया से यह देखावा तैयार किया गया है। आम लोगों के लिए गुजरात जाकर पानी के नीचे की द्वारका देखना आसान नहीं है, इसलिए शिवडी के राजा ने इस डूबी हुई द्वारका को सीधे मुंबईकरों और आम नागरिकों के करीब लाने की कोशिश की है।

मंडल के अध्यक्ष श्रीकांत जाधव ने बताया कि शिवडी के राजा का 75 साल का सफर आस्था, संस्कृति, सामाजिक जिम्मेदारी और समाज में एकता बनाए रखने वाली समृद्ध परंपरा की गवाही है। उन्होंने बताया कि अमृत महोत्सवी साल में इस परंपरा को और आगे बढ़ाते हुए सामाजिक और सांस्कृतिक कामों को खास तवज्जो दी जा रही है। जाधव ने सभी भक्तों से अपील की कि वे इस बार का यह अलग समारोह देखने आएं, पानी के नीचे की द्वारका को देखें और इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनें।

मंडल के प्रमुख मार्गदर्शक विजय इंदुलकर ने बताया कि शिवडी के राजा के अमृत महोत्सवी साल के मौके पर इस बार कुछ अलग अनुभव कराने की सोच से ही 'पानी के नीचे की द्वारका' का यह आइडिया तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि पौराणिक कथाओं में आने वाली श्रीकृष्ण की नगरी को आधुनिक तकनीक की मदद से असल में खड़ा करने की यह एक कोशिश है।

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