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22:08 IST

सांगली बाजार समिती त्रिभाजन: कोल्हापूर खंडपीठ ने फैसले के लिए १५ दिन का और वक्त दिया

सांगली, जत और कवठेमहांकाळ को अलग-अलग बाजार समिति बनाने का मामला अभी भी अटका है, जिला सहकार उपनिबंधक को कोल्हापूर खंडपीठ ने १५ दिन की मोहलत दी है।

सांगली बाजार समिती त्रिभाजन: कोल्हापूर खंडपीठ ने फैसले के लिए १५ दिन का और वक्त दिया
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

सांगली कृषी उत्पन्न बाजार समिती को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला एक बार फिर टल गया है। सांगली, जत और कवठेमहांकाळ नाम से तीन अलग-अलग बाजार समितियां बनाने के मामले पर आखिरी मुहर लगाने के लिए जिला सहकार उपनिबंधक को मुंबई हाई कोर्ट के कोल्हापूर खंडपीठ ने और १५ दिन का वक्त दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि इसी मोहलत में बाजार समिती के त्रिभाजन पर अंतिम फैसला लिया जाए। अब पूरे जिले की नजर इस पर टिकी है कि बाजार समिती तीन हिस्सों में बंटेगी या मौजूदा संचालक मंडल ही कायम रहेगा।

सांगली बाजार समिती को बांटने का फैसला सरकार ने ६ अप्रैल २०२६ को लागू किया था। इसके तहत सांगली, जत और कवठेमहांकाळ नाम की तीन स्वतंत्र कृषी उत्पन्न बाजार समितियां बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस फैसले की वजह से सांगली बाजार समिती का तत्कालीन संचालक मंडल भंग कर दिया गया था।

सरकार के इस फैसले का विरोध मौजूदा संचालकों के अलावा किसान संगठनों, कई ग्रामपंचायतों और विकास सेवा सोसायटियों ने भी किया। त्रिभाजन के फैसले को चुनौती देते हुए इन सबने मुंबई हाई कोर्ट के कोल्हापूर खंडपीठ में याचिका दायर की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सहकार व पणन विभाग को निर्देश दिया कि त्रिभाजन के फैसले की दोबारा सुनवाई कर के कानून के मुताबिक आगे का फैसला लिया जाए।

कोर्ट के आदेश के बाद बाजार समिती के त्रिभाजन की प्रक्रिया फिर से शुरू हुई। पणन विभाग ने सांगली बाजार समिती के त्रिभाजन को लेकर अपनी रिपोर्ट जिला उपनिबंधक को सौंपी। इसके बाद बाजार समिती के प्रशासन और संचालक मंडल से इस फैसले पर नए सिरे से राय मांगी गई। बाजार समिती से जुड़े सभी संचालकों और प्रशासन ने अपनी-अपनी राय जिला सहकार उपनिबंधक को दे दी है। इन्हीं रायों के आधार पर त्रिभाजन पर आखिरी फैसला लेने की प्रक्रिया चल रही थी। इस फैसले की जिम्मेदारी जिला सहकार उपनिबंधक सुनील चव्हाण को दी गई है।

तय समय में यह प्रक्रिया पूरी करने के लिए जिला उपनिबंधक की तरफ से कोर्ट से और मोहलत मांगी गई थी। इस पर सुनवाई करते हुए कोल्हापूर खंडपीठ ने १५ दिन की और मुदत दे दी है। कोर्ट ने साफ निर्देश दिया है कि इसी अवधि में त्रिभाजन के प्रस्ताव पर आखिरी फैसला लिया जाए।

यानी अब अगले पंद्रह दिन में सांगली बाजार समिती के भविष्य का फैसला होने की उम्मीद है। त्रिभाजन का फैसला कायम रहेगा या सांगली बाजार समिती का मौजूदा संचालक मंडल फिर से बहाल होगा, इस पर इसी फैसले से पर्दा उठेगा। इस बीच फैसला टलने से मौजूदा संचालकों को फिलहाल राहत मिली है। जब तक आखिरी फैसला नहीं आता, बाजार समिती के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी, और कोर्ट के निर्देश के बाद जिला उपनिबंधक क्या फैसला लेते हैं, इस पर संचालकों, व्यापारियों, किसान संगठनों और राजनीतिक हलकों की नजर लगी हुई है।

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