गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:46 IST

RBI के फैसले के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में तूफानी तेजी, टाटा केमिकल्स 20% अपर सर्किट पर

RBI के फैसले के बाद टाटा ग्रुप के शेयरों में तूफानी तेजी, टाटा केमिकल्स 20% अपर सर्किट पर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

रिझर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक अहम फैसले के बाद टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। TCS, टाटा मोटर्स, टाटा केमिकल्स, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, टाटा स्टील और टाइटन जैसी कंपनियों के शेयरों में जमकर खरीदारी हुई। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह आरबीआई का टाटा सन्स को लेकर लिया गया एक फैसला बताया जा रहा है।

दरअसल आरबीआई ने टाटा सन्स की वह रिक्वेस्ट ठुकरा दी है, जिसमें कंपनी ने अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट खुद ही वापस करने की मांग की थी। इस फैसले के बाद बाजार में टाटा सन्स के संभावित आईपीओ को लेकर चर्चा फिर से तेज हो गई है, जिसका असर सीधे टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयरों पर दिख रहा है।

मंगलवार को टाटा केमिकल्स के शेयर ने 20 प्रतिशत का अपर सर्किट छू लिया, वहीं टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन के शेयर में करीब 10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। TCS के शेयर में भी 5 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई। कमर्शियल व्हीकल बिजनेस का हिस्सा रही टाटा मोटर्स के शेयर करीब 6 प्रतिशत उछलकर करीब 320 रुपये पर पहुंच गए।

बाजार में इसके अलावा टाटा मोटर्स पीवी, इंडियन होटल्स, टाटा कम्युनिकेशंस, ट्रेंट, टाटा एल्क्सी, टाटा टेक्नोलॉजीज, टाइटन, टाटा पावर, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, वोल्टास, नेल्को और तेजस नेटवर्क्स जैसे टाटा ग्रुप के अन्य स्टॉक्स पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।

टाटा सन्स ने आरबीआई से अपना रजिस्ट्रेशन रद्द करने की परमिशन मांगी थी, ताकि उसे अन-रजिस्टर्ड कोअर इन्वेस्टमेंट कंपनी यानी UCIC के तौर पर वर्गीकृत किया जा सके। कंपनी ने यह एप्लिकेशन मार्च 2024 में दिया था। लेकिन 11 सितंबर 2026 को आरबीआई ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया। सेंट्रल बैंक ने टाटा सन्स को साफ निर्देश दिया है कि वह एनबीएफसी-अपर लेयर कंपनियों पर लागू सभी नियमों और गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन करने के लिए जरूरी कदम उठाए। इसके चलते रेगुलेटरी कंप्लायंस और संभावित लिस्टिंग का मुद्दा टाटा सन्स के लिए एक बार फिर अहम हो गया है।

आरबीआई के इस फैसले के बाद बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा टाटा सन्स के आईपीओ की हो रही है। इन्वेस्टमेंट बैंकर्स और वैल्युएशन एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक, टाटा सन्स के संभावित आईपीओ की वैल्यूएशन 9 लाख करोड़ रुपये से लेकर 12.5 लाख करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। हालांकि यह कोई अंतिम आंकड़ा नहीं है। टाटा सन्स के इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो की कीमत करीब 15 से 16 लाख करोड़ रुपये आंकी जाती है। होल्डिंग कंपनी होने की वजह से बाजार में आमतौर पर ऐसी कंपनियों की वैल्यू उनकी कुल संपत्ति या निवेश की वैल्यू से कम आंकी जाती है।

टाटा सन्स की संभावित लिस्टिंग का असर भी बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि इस कंपनी की टाटा ग्रुप की कई बड़ी लिस्टेड और अनलिस्टेड कंपनियों में हिस्सेदारी है। इस बीच टाटा सन्स के बोर्ड और चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से जुड़ा मुद्दा भी चर्चा में है। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म हो रहा है, और बोर्ड की नॉमिनेशन एंड रेम्युनरेशन कमेटी उन्हें दोबारा नियुक्त करने के फैसले पर फिर से विचार करने को कह सकती है। यह मुद्दा 17 सितंबर को होने वाली टाटा सन्स के बोर्ड की बैठक में उठने की संभावना है।

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