गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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03:48 IST

राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा: राष्ट्रपति दिसानायके से मुलाकात, समुद्री सुरक्षा पर चर्चा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से मुलाकात कर द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा पर बात की।

राजनाथ सिंह की श्रीलंका यात्रा: राष्ट्रपति दिसानायके से मुलाकात, समुद्री सुरक्षा पर चर्चा तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भारत की विदेश नीति में और खासकर 'नेबरहुड फर्स्ट' पॉलिसी में जिस श्रीलंका का बहुत अहम स्थान है, उसके साथ रक्षा और सैन्य रिश्ते और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके से मुलाकात की। राजनाथ सिंह तीन दिन के श्रीलंका दौरे पर हैं, और इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बैठक बहुत सकारात्मक और सार्थक रही। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से राष्ट्रपति दिसानायके को शुभकामनाएं दीं। साथ ही, राष्ट्रपति दिसानायके की सरकार ने अपने दो साल का कार्यकाल पूरा किया, इसके लिए भी उन्होंने खास बधाई दी। दोनों नेताओं की इस बैठक में द्विपक्षीय व्यापार, समुद्री क्षेत्र की चुनौतियों और सैन्य सहयोग पर विस्तार से बातचीत हुई।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और श्रीलंका के बीच सदियों पुराने रिश्तों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका सिर्फ भौगोलिक रूप से करीबी पड़ोसी नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से जुड़े हुए दो देश (Civilizational Twins) और अहम समुद्री साझेदार हैं। दोनों देशों ने अपने-अपने नागरिकों के सर्वांगीण विकास और भलाई के लिए साथ मिलकर काम करते रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

समुद्री सुरक्षा का मुद्दा भारत और श्रीलंका दोनों के लिए बहुत संवेदनशील है। हिंद महासागर में बढ़ती भू-राजनीतिक हलचल और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए इस बैठक में दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग, जानकारी की साझेदारी और साझा अभ्यास बढ़ाने पर सहमति बनी है। भारत ने साफ कहा है कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए श्रीलंका भारत का बेहद अहम और भरोसेमंद साझेदार है।

भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' पॉलिसी सिर्फ सैन्य सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह श्रीलंका के पूरे विकास से जुड़ी हुई है। मुश्किल वक्त में भारत हमेशा श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक सहयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी और दोनों देशों के लोगों का जीवन स्तर बेहतर बनाना भी इसका मुख्य मकसद है।

राजनाथ सिंह का यह तीन दिन का श्रीलंका दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत विदेश नीति की मिसाल माना जा रहा है। हिंद महासागर में शांति, सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिहाज से भारत और श्रीलंका के बीच यह बातचीत आने वाले समय में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएगी, ऐसा माना जा रहा है।

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