गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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05:05 IST

न्यूझीलंड: वेतन बढ़ोतरी को लेकर सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल, हजारों उतरे सड़कों पर

न्यूझीलंड में वेतन प्रस्ताव से नाराज सरकारी कर्मचारियों ने बुधवार को कामबंद आंदोलन किया

न्यूझीलंड: वेतन बढ़ोतरी को लेकर सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल, हजारों उतरे सड़कों पर तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

न्यूझीलंड में सरकारी कर्मचारियों का गुस्सा वेतन बढ़ोतरी के प्रस्ताव को लेकर सड़कों पर फूट पड़ा। बुधवार को देशभर के करीब 10 हजार सरकारी कर्मचारियों ने कुछ घंटों के लिए काम बंद रखा और सरकार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हो गए। कर्मचारियों का कहना है कि जो वेतन बढ़ोतरी सरकार की तरफ से ऑफर की गई है, वह बढ़ती महंगाई के सामने बहुत कम है। इस हड़ताल का असर रोजगार, सामाजिक हाउसिंग और दूसरी अहम सरकारी सेवाओं पर पड़ा।

दरअसल पिछले कई महीनों से सरकारी कर्मचारियों के सामूहिक करार को लेकर बातचीत चल रही थी, लेकिन सरकार और संबंधित विभागों की तरफ से जो वेतन प्रस्ताव रखा गया, उससे कर्मचारी संगठन खुश नहीं हैं। संगठन का कहना है कि रोजमर्रा के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह बढ़ोतरी नाकाफी है।

इसी वजह से कर्मचारियों ने ठीक-ठाक वेतन बढ़ोतरी और सरकारी सेवाओं के लिए पर्याप्त फंड देने की मांग रखी है। पब्लिक सर्विस एसोसिएशन के मुताबिक, जो वेतन बढ़ोतरी प्रस्तावित है, उससे बहुत से कर्मचारियों की असली खरीदने की ताकत घट जाएगी। संगठन की मांग है कि सरकार खर्च में कटौती का रुख छोड़कर कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से ले।

इस कामबंद आंदोलन में मिनिस्ट्री ऑफ सोशल डेवलपमेंट, मिनिस्ट्री ऑफ बिजनेस एंड एम्प्लॉयमेंट, डिपार्टमेंट ऑफ इंटरनल अफेयर्स, नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट और मिनिस्ट्री फॉर एथनिक कम्युनिटीज जैसे विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। देश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन, रैली और पिकेटिंग हुई। वेलिंग्टन में तो संसद परिसर में सैकड़ों कर्मचारी इकट्ठा हो गए।

कर्मचारी संगठन ने साफ किया है कि यह आंदोलन सिर्फ पगार बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि सरकारी सेवाओं पर बढ़ता दबाव और स्टाफ की कमी भी इसकी बड़ी वजह है। शिकायत है कि कर्मचारियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, जबकि सरकारी विभागों में मैनपावर घटती जा रही है।

न्यूझीलंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का कहना है कि आंदोलनकारी कर्मचारियों को सड़क पर उतरने के बजाय काम पर बने रहकर बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए था। सरकार पहले से ही पब्लिक सेक्टर में कर्मचारियों की संख्या घटाने पर जोर देती रही है और उसका कहना है कि बजट को बैलेंस रखने के लिए खर्च में कटौती जरूरी है।

वहीं कर्मचारी संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो आगे और आंदोलन किए जाएंगे। इससे साफ है कि आने वाले चुनाव से पहले न्यूझीलंड में सरकारी कर्मचारियों की वेतन बढ़ोतरी का मसला एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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