गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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18:13 IST

निफाड नगरपंचायत दफ्तर में विरोध स्वरूप कार्यकर्ताओं ने छोड़े आवारा कुत्ते, वीडियो वायरल

नाशिक जिले के निफाड में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से परेशान युवा सेना कार्यकर्ताओं ने नगरपंचायत कार्यालय में ही कुत्ते छोड़ दिए। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

निफाड नगरपंचायत दफ्तर में विरोध स्वरूप कार्यकर्ताओं ने छोड़े आवारा कुत्ते, वीडियो वायरल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नाशिक जिले के निफाड में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक बहुत बढ़ गया है। गली-मोहल्लों और सड़कों पर हर जगह कुत्तों के झुंड के झुंड नजर आ रहे हैं। छोटे बच्चे स्कूल जाने से डरने लगे हैं, महिलाएं और बुजुर्ग बाहर निकलने से घबराते हैं। कई लोगों को कुत्तों ने काट भी लिया है। लोगों ने नगरपंचायत से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे तंग आकर युवा सेना के कार्यकर्ताओं ने एक अलग ही तरीके का आंदोलन किया, जो अब हर तरफ वायरल हो रहा है।

युवा सेना के जिलाप्रमुख विक्रम रांधवे के नेतृत्व में कुछ कार्यकर्ता सीधे निफाड नगरपंचायत के दफ्तर में घुस गए। हैरानी की बात यह रही कि वे अकेले नहीं आए थे, बल्कि अपने साथ चार से पांच आवारा कुत्ते भी लेकर आए थे। उन्होंने इन कुत्तों को सीधे मुख्याधिकारी धीरज भामरे के ऑफिस में ले जाकर वहीं छोड़ दिया। दफ्तर के परिसर में कुत्ते घूमने लगे। इतना ही नहीं, विरोध जताने के लिए कार्यकर्ताओं ने अधिकारी की टेबल पर नोटों की मालाएं भी रख दीं। किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया और जैसे ही यह सोशल मीडिया पर डाला गया, वह जबरदस्त वायरल हो गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन को जगाने के लिए यही तरीका सही था।

आंदोलनकारियों का कहना है कि निफाड में कुत्तों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है, लेकिन नगरपंचायत कुछ नहीं कर रही। कुत्तों को पकड़ना चाहिए, उनकी नसबंदी करानी चाहिए, पर कुछ भी नहीं हो रहा। रांधवे ने बताया कि इस वक्त गणेशोत्सव चल रहा है। लोग गणपति दर्शन के लिए मंडलों में जाते हैं, लेकिन सड़कों पर घूमते कुत्तों की वजह से उन्हें जाने में डर लगता है। रात के वक्त तो कुत्ते गाड़ियों के पीछे भी दौड़ पड़ते हैं, जिससे एक्सीडेंट भी होते हैं। उन्होंने बताया कि हमने कई बार शिकायत की, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, इसलिए हमें यह करना पड़ा।

आंदोलनकारियों ने दो मांगें रखी हैं, और दोनों ही जरूरी हैं। पहली मांग है कि जल्द से जल्द कुत्तों की नसबंदी मुहिम शुरू की जाए, ताकि उनकी संख्या और न बढ़े। दूसरी मांग है कि कुत्तों को पकड़ने के लिए एक टीम बनाई जाए और उन्हें रखने के लिए उचित जगह तैयार की जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर अब भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

असल में यह समस्या सिर्फ निफाड की नहीं है, पूरे महाराष्ट्र में आवारा कुत्तों का मसला गंभीर हो चुका है। लेकिन इस तरह के अनोखे आंदोलन से उम्मीद है कि प्रशासन की नींद टूटेगी। वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों को लग रहा है कि अधिकारी इस पर काम करेंगे।

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