शुक्रवार, 18 सितमबर 2026

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17:06 IST

नागपुर यूनिवर्सिटी की फीस में 7 फीसदी बढ़ोतरी, नए स्टूडेंट्स की जेब पर असर

राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर यूनिवर्सिटी ने 2026-27 के लिए फीस बढ़ाने का नोटिफिकेशन जारी किया है।

नागपुर यूनिवर्सिटी की फीस में 7 फीसदी बढ़ोतरी, नए स्टूडेंट्स की जेब पर असर
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर की राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज यूनिवर्सिटी ने इस बार भी हर साल की तरह फीस में 7 फीसदी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे नागपुर यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के पैरेंट्स पर आर्थिक बोझ बढ़ने वाला है। यह फैसला यूनिवर्सिटी की मैनेजमेंट काउंसिल ने लिया है। इससे पहले भी प्रिंसिपल, संस्थाओं के मैनेजमेंट और स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन की राय ली जाती रही है। गुरुवार को प्रिंसिपल और मैनेजमेंट के रिप्रेजेंटेटिव्स की मीटिंग में सबने फीस बढ़ोतरी का समर्थन किया। कमेटी ने यह भी इशारा दिया है कि इसी सेशन से फीस में 20 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने इस नई फीस स्ट्रक्चर का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जिसके बाद अब स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई और महंगी हो जाएगी। इसमें आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स या दूसरे फैकल्टी की फीस में 7 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। यह बढ़ोतरी इसी साल यानी 2026-27 से लागू हो जाएगी। इसका मतलब नागपुर यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई महंगी होगी और इसका सीधा असर स्टूडेंट्स पर पड़ेगा।

इस साल पहले सेमेस्टर में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को इस फीस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा झटका लगेगा, क्योंकि यह बढ़ी हुई फीस उन पर अगले 3 साल तक लागू रहेगी। यानी प्रोसेस के मुताबिक जिन स्टूडेंट्स का इस बार एडमिशन हो रहा है, उन्हें पूरे कोर्स के 3 साल तक यही बढ़ी हुई फीस भरनी होगी। इसका सीधा असर स्टूडेंट्स और उनके पैरेंट्स दोनों पर पड़ने वाला है।

हर कॉलेज की एडमिशन प्रोसेस में कंप्यूटर से जुड़े कोर्स के लिए भी अलग से चार्ज लगता है। इसमें जिन स्टूडेंट्स के लिए कंप्यूटर 'कोर सब्जेक्ट' नहीं है, उनसे भी 1,200 रुपए एक्स्ट्रा फीस वसूली जा रही है। कंप्यूटर ट्रेनिंग के नाम पर स्टूडेंट्स से यह 1,200 रुपए की रकम ली जा रही है, जिसे लेकर स्टूडेंट्स और टीचर्स के बीच सवाल खड़े हो रहे हैं। फीस बढ़ोतरी के इस फैसले से स्टूडेंट्स और स्टूडेंट यूनियनों के बीच तनाव का माहौल बनने की आशंका है।

इससे आर्थिक बोझ तो बढ़ेगा ही, साथ ही जिन स्टूडेंट्स का कंप्यूटर सब्जेक्ट नहीं है, उनके लिए भी यह फीस अनिवार्य होने से उन पर एक्स्ट्रा खर्च आएगा। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और पिछड़े वर्ग के स्टूडेंट्स को इस फीस बढ़ोतरी का ज्यादा असर झेलना पड़ सकता है। इस फैसले के बाद स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन्स की ओर से यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के खिलाफ तीखा आंदोलन या विरोध जताए जाने की पूरी संभावना है।

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