गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:23 IST

नागपुर: पार्षद शुभम मोटघरे पर गोलीबारी, बावाजी के दफ्तर में रची साजिश, फल्ली ने दी थी 4 लाख की सुपारी

क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि कांग्रेस पार्षद के घर हुई फायरिंग की प्लानिंग एक दफ्तर में हुई थी, सात लोग गिरफ्तार, दो आरोपी अब भी फरार।

नागपुर: पार्षद शुभम मोटघरे पर गोलीबारी, बावाजी के दफ्तर में रची साजिश, फल्ली ने दी थी 4 लाख की सुपारी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

नागपुर के कांग्रेस पार्षद शुभम मोटघरे के घर पर हुई फायरिंग के केस में क्राइम ब्रांच की जांच से बड़ी बात निकलकर आई है। पुलिस के मुताबिक चर्चित अपराधी और ड्रग पेडलर विशाल गुप्ता उर्फ फल्ली ने इस फायरिंग के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी। जांच में यह भी पता चला कि पूरी प्लानिंग अशोक यादव उर्फ बावाजी के ऑफिस में हुई थी। इस मामले में बावाजी और फल्ली दोनों को आरोपी बनाया गया है, मगर दोनों अभी तक फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगी है।

इस केस में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, अंकुश तोमसकर, अमित ठाकरे, ऋषि नागदेवे, रोमित उर्फ पुल्या वाहणे, केतन माटे, ऋषभ कैथल और कार्तिक तोमसकर। पुलिस पूछताछ में इन्हीं आरोपियों में से अंकुश तोमसकर ने बताया कि उसे फल्ली को 4 लाख रुपये चुकाने थे। फल्ली काफी दिनों से यह रकम मांग रहा था, लेकिन अंकुश पैसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा था। इसी वजह से फल्ली ने कथित तौर पर अंकुश को मोटघरे के घर पर फायरिंग करने के लिए कहा, और यह भी बताया गया कि फायरिंग करने पर ही 4 लाख की उधारी माफ हो जाएगी, वरना पैसे देने ही पड़ेंगे।

पुलिस का कहना है कि इस पूरी साजिश की योजना बावाजी के ऑफिस में बनाई गई थी। उस वक्त फल्ली, अंकुश और उनके कुछ साथी वहां मौजूद थे। इसी आधार पर पुलिस ने अशोक यादव उर्फ बावाजी और विशाल गुप्ता उर्फ फल्ली को भी इस केस में आरोपी बनाया है।

गिरफ्तार आरोपियों का क्रिमिनल रिकॉर्ड भी काफी लंबा है और उनके खिलाफ पहले से गंभीर मामले दर्ज हैं। फल्ली को एक मर्डर केस में जेल की सजा भी हो चुकी है, फिलहाल वह जमानत पर बाहर था। पिछले साल पुलिस ने उसके खिलाफ MPDA के तहत भी कार्रवाई की थी। अब क्राइम ब्रांच इन आरोपियों पर MCOCA (मोका) लगाने की तैयारी में है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर शुभम मोटघरे के घर को ही निशाना क्यों बनाया गया, पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाश रही है।

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