नागपुर: छेड का विरोध करने पर 10 साल की बच्ची पर लोहे की रॉड से हमला, महीनेभर से स्कूल बंद
पाचपावली इलाके में ट्यूशन से लौटते वक्त चार लड़कों ने बच्ची और उसके भाई को परेशान करना शुरू किया था, विरोध करने पर बच्ची पर लोहे के पाइप जैसी छड़ से वार किए गए। एक आरोपी ही अब तक गिरफ्तार हुआ है।
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छोटी उम्र की लड़कियों को स्कूल जाते वक्त सुरक्षित माहौल मिले, इसके लिए सरकार और प्रशासन की तरफ से लगातार दावे किए जाते हैं। मगर नागपुर में एक 10 साल की बच्ची पिछले एक महीने से इसी वजह से स्कूल नहीं जा पा रही है, क्योंकि जो लड़के उसे ट्यूशन आते-जाते समय परेशान करते थे और विरोध करने पर उसे और उसके 8 साल के भाई को मारते थे, उन्हें पकड़कर ठोस कार्रवाई करने में नागपुर पुलिस नाकाम रही है।
यह मामला नागपुर के पाचपावली इलाके का है। यहां 10 साल की बच्ची शाम को अपने छोटे भाई के साथ ट्यूशन क्लास से घर लौटते वक्त उसी इलाके के चार आवारा लड़कों की छेड़छाड़ का शिकार होती थी। भाई-बहन दोनों कोई विरोध नहीं करते थे, यह देखकर धीरे-धीरे इन लड़कों की हिम्मत बढ़ती गई और वे बच्ची को अंधेरे में ले जाकर उसके शरीर पर गलत तरीके से हाथ लगाने लगे। बच्ची जब चिल्लाने की कोशिश करती, तो उसके मुंह में उंगलियां ठूंस देते, मारने की धमकी देकर किसी को कुछ न बताने की चेतावनी भी देते। अगस्त महीने में कई दिनों तक यह सिलसिला चलता रहा, जिससे बच्ची का मन पढ़ाई से हटने लगा और वह ट्यूशन जाने से मना करने लगी।
अगस्त के दूसरे हफ्ते में एक बार फिर ट्यूशन से लौटते वक्त इन लड़कों ने बच्ची को अंधेरी गली में ले जाने की कोशिश की, तब बच्ची ने विरोध किया। गुस्से में आकर एक आरोपी ने लोहे के पाइप जैसी छड़ से बच्ची के पैर, कमर और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई वार किए। दर्द से कराहते हुए बच्ची किसी तरह घर पहुंची। रात को देर से जब मां ने उसके शरीर पर चोट के निशान देखे और सवाल पूछे, तब बच्ची और उसके भाई ने कई दिनों से चल रही यह पूरी बात अपने मां-बाप को बताई। मामले की गंभीरता समझते हुए मां-बाप तुरंत पुलिस स्टेशन गए और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन परिवार का आरोप है कि चार में से सिर्फ एक ही आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। बाकी तीन आरोपी पिछले एक महीने से खुले घूम रहे हैं और उसी इलाके में नजर भी आते हैं, इसी वजह से पीड़ित बच्ची और उसके भाई ने महीनेभर से स्कूल जाना ही बंद कर दिया है।
मां-बाप के समझाने पर 4 सितंबर को बच्ची स्कूल गई थी, लेकिन स्कूल के पास ही खुला घूम रहा एक आरोपी दिख गया। तब से डरी हुई बच्ची ने दोबारा स्कूल जाने से इनकार कर दिया है। छेड़छाड़ के इस मामले में पुलिस की ठोस कार्रवाई न होने की वजह से एक बच्ची की पढ़ाई छूटने की दुखद घटना नागपुर में सामने आई है। पाचपावली पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने इस बारे में कोई बाइट देने से इनकार कर दिया। पुलिस का कहना है कि पीड़ित बच्ची आरोपियों को पहचान नहीं पाई, इसी वजह से सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 14 अगस्त को शिकायत दर्ज कराते वक्त पीड़ित बच्ची और उसके मां-बाप ने जितनी जानकारी दी थी, उसी के आधार पर कार्रवाई की गई है।