मोरे पर हुए हमले पर कांग्रेस सख्त, वडेट्टीवार ने सीपी और फडणवीस से निष्पक्ष जांच मांगी
युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज मोरे पर आंदोलन के दौरान हुए हमले को लेकर कांग्रेस ने पुलिस आयुक्त और गृहमंत्री फडणवीस से तुरंत कार्रवाई की मांग की।
नागपुर में युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष शिवराज मोरे पर एक आंदोलन के दौरान कथित तौर पर हमला हो गया, जिसके बाद कांग्रेस पार्टी इस मामले में आक्रामक हो गई है। पार्टी ने पुलिस से साफ कह दिया है कि इस पूरे मामले की गहराई से और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार खुद पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल को लेकर पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात में उन्होंने मांग रखी कि घटना की जांच तुरंत शुरू हो और जो भी दोषी निकले उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
दरअसल यह विवाद बुधवार को हुआ, जब आरएसएस कार्यालय की तरफ एक मार्च निकाला जा रहा था। इसी मार्च के दौरान शिवराज मोरे पर हमला हुआ बताया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे गंभीर घटना करार देते हुए कहा कि जांच से यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
वडेट्टीवार ने इस मसले पर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि घटना की तुरंत जांच हो, इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक मामला दर्ज किया जाए, और जो सबूत मिले हैं उनके आधार पर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
कांग्रेस ने यह भी मांग रखी है कि पुलिस यह पता लगाए कि इस पूरे विवाद के पीछे किसी और की भी कोई भूमिका थी या नहीं। वडेट्टीवार का कहना है कि अगर जांच में यह सामने आता है कि किसी ने जान-बूझकर उकसाया या पहले से इसकी प्लानिंग की थी, तो ऐसे सभी लोगों पर भी कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से यह भी कहा कि जांच के दौरान जो भी इलेक्ट्रॉनिक सबूत हैं उन्हें संभाल कर रखा जाए। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो और लोगों के मोबाइल से रिकॉर्ड की गई क्लिप तुरंत सुरक्षित करके जांच में शामिल करने की मांग की गई। साथ ही जो लोग वहां मौजूद थे उनके और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज किए जाएं, यह बात भी कही गई।
कांग्रेस ने इस पूरे मसले को लोकतंत्र से जोड़ते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना हर नागरिक का लोकतांत्रिक और संवैधानिक हक है। अगर आंदोलन में शामिल लोगों पर ही हमले होने लगें, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर चिंता की बात है। पार्टी ने आगे के लिए भी मांग रखी है कि राजनीतिक कार्यक्रमों और शांतिपूर्ण आंदोलनों में पुलिस की तरफ से पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
फिलहाल सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। घटनास्थल से मिले सबूत, वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि उस दिन असल में हुआ क्या था। कांग्रेस ने दोहराया है कि जांच पूरी निष्पक्षता से हो और जिसकी भी भूमिका दोषी साबित हो, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।