महाराष्ट्र में कल परसों भारी बारिश का अलर्ट, बिजली कड़कने और तेज हवा की चेतावनी
मौसम विभाग ने 14 और 15 सितंबर को उत्तर कोकण, उत्तर मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है, नागपुर समेत आठ जिलों में यलो अलर्ट जारी।
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महाराष्ट्र में मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 14 और 15 सितंबर 2026 को भारी से अति भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। खासकर उत्तर कोकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और अति भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
सबसे ज्यादा जोर की बारिश और तीव्र चेतावनी उत्तर कोकण और उत्तर मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों के लिए है। मराठवाड़ा के कुछ जिलों में बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है और भारी बारिश हो सकती है। जिन जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है उनमें पालघर, ठाणे, नंदुरबार, नाशिक घाट का इलाका, अकोला, अमरावती, बुलढाणा और नागपुर शामिल हैं।
14 सितंबर की बात करें तो कोकण में ज्यादातर जगहों पर बारिश होने की संभावना है और उत्तर तटीय इलाके में तेज हवा चल सकती है। मध्य महाराष्ट्र में भी कई जगह बारिश होने की उम्मीद है, कुछ जगहों पर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली कड़क सकती है और तेज हवा चल सकती है। मराठवाड़ा में कुछ जगहों पर बारिश की संभावना है, वहां भी कुछ इलाकों में गरज के साथ बिजली कड़क सकती है और हवा तेज रहेगी। विदर्भ में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
15 सितंबर को कोकण में फिर ज्यादातर जगहों पर बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र के उत्तर तटीय हिस्से में तेज हवा चलने की उम्मीद है। मराठवाड़ा में कई जगह और कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। विदर्भ में इक्का-दुक्का जगहों पर बारिश का अनुमान है।
लोगों को सलाह दी गई है कि बिजली कड़कते वक्त पेड़ के नीचे या खुली जगह पर खड़े रहने से बचें। तेज बारिश और तूफानी हवा की वजह से तटीय इलाकों और घाट में सफर करते वक्त सावधानी बरतें। किसानों से कहा गया है कि जो फसल कटाई के लिए तैयार है उसे सुरक्षित रखें। यलो अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन और आपातकालीन व्यवस्था को अलर्ट पर रखा गया है।
मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र और विदर्भ में जारी बारिश से सोयाबीन, कपास और मक्का जैसी खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। खेत में जमा पानी की तुरंत निकासी सुनिश्चित करने और कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने की सलाह दी गई है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा के साथ बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए खुले मैदान, खेत या बड़े पेड़ के नीचे बिल्कुल न रुकें और तूफान के दौरान धातु की चीजों या मोबाइल का इस्तेमाल टालें।