महाराष्ट्र में बारिश का ब्रेक बरकरार, किसानों की टेंशन बढ़ी, 4 जिलों में येलो अलर्ट
विदर्भ के नागपुर, चंद्रपुर, वर्धा और यवतमाल में येलो अलर्ट, बाकी राज्य में सूखा मौसम कायम, 19 सितंबर से मॉनसून की वापसी शुरू होने के आसार
महाराष्ट्र में हर तरफ तेज बारिश का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है, और इस बीच खरीफ की फसलों पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पिछले कई दिनों से बारिश गायब है, जिसकी वजह से किसान बुरी तरह परेशान और चिंतित हैं।
मौसम विभाग की ताजा जानकारी के मुताबिक, आज यानी 15 सितंबर को विदर्भ के चार जिलों नागपुर, चंद्रपुर, वर्धा और यवतमाल में पुलिस स्टेशन जैसे इलाकों समेत कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है, इसलिए वहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा जालना और बीड जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। बाकी महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर धूप-छांव के बीच हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन ज्यादातर इलाकों में बारिश का यह सूखा दौर जारी रहेगा।
अगले चार दिनों की बात करें तो राज्य में बारिश का विराम यानी यह ड्राई स्पेल आगे भी बने रहने की पूरी संभावना है। बुधवार को कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को अहिल्यानगर, पुणे, सातारा और सांगली जिलों में कहीं-कहीं बिजली के साथ हल्की बारिश का अनुमान जताया गया है। हालांकि यह बारिश पूरे इलाके में नहीं बल्कि बहुत सीमित जगहों तक ही रहेगी, यानी ज्यादातर हिस्सों में मौसम सूखा ही बना रहेगा।
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से नैऋत्य मॉनसून यानी साउथ-वेस्ट मॉनसून की वापसी के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इस साल पूरे देश में मॉनसून सामान्य से 1 दिन देरी से, यानी 9 जुलाई को पहुंचा था, और अब संकेत हैं कि यह अपने लंबे समय के औसत समय से 2 दिन देरी से वापसी का सफर शुरू करेगा।
इस साल मॉनसून के आने में भी कुछ देरी हुई थी। 4 जून को मॉनसून ने केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में दस्तक दी थी। इसके बाद 6 जून को यह कोंकण के निचले इलाकों में पहुंचा। कोंकण में एंट्री के बाद मॉनसून की आगे की रफ्तार काफी धीमी और रुकी-रुकी रही।
आखिरकार 29 जून को मॉनसून ने पूरे महाराष्ट्र को कवर कर लिया। देश के बाकी हिस्सों में भी अटकते-रुकते हुए आगे बढ़ते हुए आखिरकार 9 जुलाई को मॉनसून पूरे देश में पहुंच गया, ऐसा मौसम विभाग ने बताया था।