शुक्रवार, 18 सितमबर 2026

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23:53 IST

मच्छीमारों को मासेमारी बंद के दौरान 20-22 हजार रुपये मदद देने की सरकार की योजना: नितेश राणे

मत्स्यव्यवसाय मंत्री नितेश राणे ने बताया कि आंध्र प्रदेश की तर्ज पर महाराष्ट्र में मच्छीमारों को आर्थिक अनुदान देने पर विचार चल रहा है।

मच्छीमारों को मासेमारी बंद के दौरान 20-22 हजार रुपये मदद देने की सरकार की योजना: नितेश राणे
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राज्य सरकार अलग-अलग वर्गों के लिए लगातार नए फैसले और घोषणाएं कर रही है, और अब मच्छीमारों के लिए भी एक बड़ी घोषणा होने की संभावना बन गई है। मासेमारी बंद रहने की अवधि में मच्छीमारों को सीधे आर्थिक मदद देने पर सरकार विचार कर रही है, यह जानकारी मत्स्यव्यवसाय और बंदरे विकास मंत्री नितेश राणे ने दी है।

दरअसल मछलियों के प्रजनन काल में कुछ समय के लिए मासेमारी पर पाबंदी रहती है। इस दौरान मच्छीमारों की कमाई पर बड़ा असर पड़ता है और उनका काफी नुकसान होता है। इसी वजह से इस अवधि में मच्छीमार परिवारों को आर्थिक सहारा मिल सके, इसके लिए सरकार उपाय करने पर विचार कर रही है, ऐसा राणे ने बताया।

मीडिया से बातचीत में नितेश राणे ने इस बारे में अहम जानकारी दी। उन्होंने साफ किया कि आंध्र प्रदेश की तर्ज पर महाराष्ट्र के मच्छीमारों को करीब 20 से 22 हजार रुपये का आर्थिक अनुदान देने की योजना है। राणे ने यह भी कहा कि इस संबंध में फैसला जल्द ही जाहिर किया जाएगा।

इसी बीच सूखे के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे ने राज्य सरकार पर जो टीका की थी, उसका भी नितेश राणे ने जवाब दिया। राणे ने तंज कसा कि उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री रहते हुए क्या किया, यह जनता ने देख लिया है। 'तुमसे ना हो पायेगा' कहकर टीका करने वाले उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए राणे ने चुटकी ली कि 'तुमसे ना हो पायेगा' के ब्रांड एंबेसेडर खुद उद्धव ठाकरे ही हैं।

राणे ने यह भी माना कि राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश कम होने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सरकार की भूमिका साफ की है और किसानों को राहत देने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने यह जानकारी भी दी कि 5 अक्टूबर से पंचनामे शुरू किए जाएंगे।

दिशा सालियन मामले की जांच को लेकर पूछे जाने पर राणे ने फिलहाल इस पर कुछ भी बोलने से परहेज किया। उनका कहना था कि सीबीआई जांच कर रही है और मामला अदालत में भी लंबित है, इसलिए ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए जिससे जांच में रुकावट आए। हालांकि इस मामले पर संजय राऊत, उद्धव ठाकरे और सुषमा अंधारे बार-बार बोल रहे हैं, इसकी वजह से आदित्य ठाकरे मुश्किल में आ सकते हैं, ऐसा इशारा नितेश राणे ने किया।

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