क्वाड देशों ने टोकियो में आपदा राहत नेटवर्क मजबूत करने पर सराव किया
इंडो-पैसिफिक इलाके में लगातार बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए क्वाड देशों ने मानवीय मदद और आपदा राहत यानी HADR के काम को और तेज करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया, इन चारों सदस्य देशों ने जापान की राजधानी टोकियो में 3 और 4 सितंबर 2026 को एक खास टेबलटॉप सराव आयोजित किया। इसे टीटीएक्स भी कहा जाता है। यह सराव जापान के संरक्षण मंत्रालय ने आयोजित किया था और इसका मकसद था क्वाड इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क यानी IPLN को और मजबूत बनाना, साथ ही चारों देशों की सेना और नागरिक लॉजिस्टिक्स क्षमताओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाना।
नई दिल्ली भले ही बीजिंग के साथ अपने कूटनीतिक रिश्ते सुधारने और पटरी पर लाने की कोशिश में लगी हो, लेकिन दूसरी तरफ क्वाड के ढांचे के तहत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन का ढांचा मजबूत करने पर भारत का जोर कायम है। टोकियो में हुए इस सराव में प्राकृतिक आपदाओं की अलग-अलग गंभीर स्थितियों को सामने रखा गया। इसमें तूफान, भूकंप और बाढ़ जैसे बड़े संकटों के समय चारों देश अपने संसाधन और लॉजिस्टिक्स क्षमता कैसे आपस में साझा कर सकते हैं, इसकी गहराई से तैयारी और योजना बनाई गई।
टोकियो में हुए इस दो दिन के सराव में मुख्य रूप से क्वाड देशों के बीच आपसी तालमेल यानी इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने पर जोर दिया गया। आपातकाल के समय अलग-अलग देशों की मशीनरी मिलकर किस तरह काम कर सकती है, जानकारी की अदला-बदली कितनी तेजी से हो सकती है, और मौजूदा लॉजिस्टिक्स का असरदार इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है, इसकी असल में योजना बनाई गई।
इस सराव के जरिए क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए तय कार्यपद्धति यानी एसओपी को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ी प्रगति की है। यह एसओपी आगे चलकर किसी भी बड़े संकट के समय इस नेटवर्क को तेजी से और सही तरीके से लागू करने के लिए संस्थागत ढांचे का काम करेगी। इससे कीमती समय बचेगा और जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुंचाई जा सकेगी।
IPLN को पूरी क्षमता के साथ चलाने के लिए क्वाड देश लगातार काम कर रहे हैं। टोकियो का यह सराव इस सिलसिले का पहला सराव नहीं था। इससे पहले अप्रैल 2025 में अमेरिका के हवाई में पहला टेबलटॉप सराव हुआ था, और उसके तुरंत बाद दिसंबर 2025 में ग्वाम में असल फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज हुई थी। 2025 के इन अभ्यासों के बाद टोकियो में 2026 का यह सराव होने से क्वाड की आपदा प्रबंधन योजना को और मजबूती मिली है।
इस सराव के दौरान क्वाड देशों के प्रतिनिधियों ने हाल के दिनों में अलग-अलग इलाकों में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति गहरी संवेदना जताई। संकट के समय क्षेत्रीय देशों को मदद और सहयोग देने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर सभी देश एकमत हुए। IPLN का मुख्य मकसद यही है कि जब भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में कोई बड़ी प्राकृतिक आपदा आए, तो चारों देशों की साझा लॉजिस्टिक्स क्षमता का इस्तेमाल कर प्रभावित लोगों तक खाना, दवाइयां और राहत सामग्री बहुत कम समय में पहुंचाई जाए। आने वाले समय में क्वाड देश इसी तरह के टेबलटॉप सराव, फील्ड सराव, भरोसा बढ़ाने वाले कदम और तकनीक व जानकारों की अदला-बदली के जरिए इस लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को और मजबूत बनाएंगे।