कॉर्पोरेट सेक्टर में ये 5 नौकरियां दिलाती हैं करोड़ों का पैकेज
पढ़ाई-लिखाई करके नौकरी ढूंढना ही जिंदगी नहीं, कुछ खास फील्ड में करोड़पति बनना अब नामुमकिन सपना नहीं रहा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बचपन से यही सुनते आए हैं कि पढ़ो-लिखो, कोई अच्छी-बुरी नौकरी पकड़ो और जिंदगी काट दो। पर अब जमाना बदल गया है। आज के दौर में नौकरी सिर्फ गुजारा चलाने का जरिया नहीं रही, बल्कि तरक्की और पैसा कमाने का बड़ा माध्यम बन गई है। जब भी करोड़पति बनने की बात आती है, दिमाग में सीधे बिजनेस, स्टार्टअप या शेयर मार्केट का ख्याल आता है। लोगों को लगता है कि सिर्फ बिजनेस करने वाले ही करोड़पति बन सकते हैं।
लेकिन आज के कॉम्पिटीशन के जमाने में कंपनियों को ऐसे टैलेंटेड लोगों की तलाश है जो सिर्फ काम ही नहीं करते, कंपनी का महसूल भी आसमान तक पहुंचा देते हैं। अगर सही स्किल, सही दिशा और अच्छे एक्सपीरियंस के साथ किसी खास फील्ड में उतर जाओ, तो करोड़पति बनना कोई नामुमकिन सपना नहीं रहता। बस इसके लिए सिर्फ डिग्री होना काफी नहीं है, उस फील्ड का मास्टर बनना पड़ता है। जानिए ऐसी 5 दमदार नौकरियां, जो आपको मालामाल कर सकती हैं।
कॉर्पोरेट सेक्टर और कुछ खास प्रोफेशन में ऐसी कई पोस्ट हैं, जिनकी सैलरी और पैकेज किसी बड़े बिजनेसमैन से कम नहीं होते।
पहला नंबर आता है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और मशीन लर्निंग एक्सपर्ट का। आज की तारीख में अगर कोई इंडस्ट्री सबसे तेज दौड़ रही है, तो वह टेक्नोलॉजी और एआई की है। चैटजीपीटी और ऑटोमेशन के इस दौर में कंपनियों को ऐसे सॉफ्टवेयर इंजीनियर और एआई आर्किटेक्ट चाहिए, जो स्मार्ट अल्गोरिदम बना सकें। इन प्रोफेशनल्स की शुरुआती सैलरी लाखों में होती है और कुछ साल का एक्सपीरियंस मिलने के बाद स्टॉक ऑप्शन मिलाकर इनकी सालाना कमाई करोड़ों में पहुंच जाती है।
दूसरे नंबर पर हैं इन्वेस्टमेंट बैंकर और फाइनेंशियल एडवाइजर। पैसों का खेल इन्वेस्टमेंट बैंकर से बेहतर कौन समझ सकता है? ये बड़ी कंपनियों के मर्जर, एक्विजिशन और फंड जुटाने का काम संभालते हैं। इनकी बेसिक सैलरी भले ठीक-ठाक हो, पर इनकी असली कमाई परफॉर्मेंस बोनस से होती है, जो करोड़ों में होता है। अगर नंबर गेम पसंद है और हाई-प्रेशर वाले माहौल में काम करने की आदत है, तो यह फील्ड सोने की खान साबित हो सकती है।
तीसरे नंबर पर हैं स्पेशलाइज्ड सर्जन और मेडिकल प्रोफेशनल्स। मेडिकल फील्ड हमेशा से बड़े सम्मान का पेशा माना गया है। लेकिन इसमें भी जो डॉक्टर न्यूरोसर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट या ऑर्थोपेडिक सर्जन जैसे स्पेशलिस्ट बनते हैं, उनकी कमाई की कोई लिमिट नहीं होती। खासकर कॉर्पोरेट हॉस्पिटल्स में सीनियर सर्जन को मांगी हुई फीस और करोड़ों के पैकेज ऑफर किए जाते हैं। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लंबी पढ़ाई और कड़ी मेहनत जरूरी है।
चौथे नंबर पर आते हैं कॉर्पोरेट और आईपीआर वकील। कानून की दुनिया में वकालत का पेशा सदियों पुराना है। आज के दौर में कॉर्पोरेट लॉयर और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के वकीलों की डिमांड बहुत ज्यादा है। बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां अपने कानूनी मसले सुलझाने के लिए लाखों-करोड़ों रुपए फीस लेने वाले वकील रखती हैं। अगर लॉजिकल सोच और नेगोशिएशन का हुनर जबरदस्त हो, तो यह करियर बहुत ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।
पांचवें नंबर पर हैं सी-सुइट एक्जीक्यूटिव्स यानी सीईओ, सीएफओ और सीटीओ। किसी भी बड़ी कंपनी को कामयाबी की चोटी तक पहुंचाने वाले उसके टॉप लीडर होते हैं। चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर या चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर जैसे पदों पर बैठे लोग कंपनी के फैसले लेने वाले होते हैं। इनकी सैलरी, सालाना बोनस और कंपनी के शेयर इन्हें करोड़पति क्लब का हिस्सा बना देते हैं। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लीडरशिप क्वालिटी और विजन जरूरी है।