जोगेश्वरी के मल्लिका अस्पताल की छत पर गैस सिलेंडर से आग, दो कर्मचारी बुरी तरह झुलसे
जोगेश्वरी पश्चिम में मल्लिका अस्पताल की छत पर गैस सिलेंडर पेटने से आग लग गई, जिसमें दो कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए।
मुंबई के जोगेश्वरी (पश्चिम) इलाके में मल्लिका अस्पताल की छत पर गैस सिलेंडर पेटने से आग लगने की घटना सामने आई है। इस हादसे में दो कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है।
शुरुआती अंदाजे के मुताबिक यह हादसा गैस लीक होने की वजह से हुआ, हालांकि आग लगने की असली वजह और उसके बाद हुए भडके को लेकर अभी तक कोई पक्का नतीजा सामने नहीं आया है। मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल की छत पर गैस सिलेंडर रखा हुआ था। घटना के वक्त कुछ कर्मचारी छत पर मौजूद थे, जिनमें से एक कर्मचारी को चाय बनाने के लिए कहा गया था। उसने चाय बनाने के लिए जैसे ही गैस जलाने की कोशिश की, अचानक जोरदार भडका उठा।
इस घटना में दो कर्मचारी बुरी तरह झुलस गए। जैसे ही हादसे की खबर मिली, अस्पताल प्रशासन ने तुरंत घायल कर्मचारियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन झुलसने की गंभीरता को देखते हुए दोनों को आगे के इलाज के लिए दूसरे अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल दोनों कर्मचारियों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। घटना के वक्त छत पर मौजूद कर्मचारियों के साथ-साथ घायलों के परिजनों से भी पूछताछ की गई है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि अस्पताल प्रशासन के खिलाफ परिजनों की तरफ से अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इस बीच जांच इस बात पर चल रही है कि गैस सिलेंडर से लीक ठीक कैसे हुई, छत पर सिलेंडर रखने से जुड़े जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था या नहीं, और आग लगने की कोई और वजह तो नहीं थी।
अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर गैस सिलेंडर के रखरखाव और आग से बचाव के इंतजामों को लेकर इस घटना के बाद सवाल उठ खड़े हुए हैं। अस्पताल प्रशासन ने फायर सेफ्टी के नियमों का पालन किया था या नहीं, इसकी जांच होने की संभावना है। पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं किया है, लेकिन जांच में अगर नियमों का उल्लंघन या लापरवाही पाई गई तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी, यह पुलिस की तरफ से बताया गया है। घटना के बाद लोगों की तरफ से यह मांग उठ रही है कि मुंबई महानगरपालिका और फायर ब्रिगेड अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करें। आग में कुल कितना नुकसान हुआ और गैस लीक की असली वजह क्या थी, यह आगे की जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।