जरांगे का काम खत्म, सरकार उन्हें मरवाना चाहती है : संजय राऊत का नागपुर में तीखा आरोप
शिवसेना उद्धव बाळासाहेब ठाकरे पक्ष के सांसद संजय राऊत ने नागपुर में मनोज जरांगे पाटील की तबीयत को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, साथ ही धनुष्यबाण चिन्ह, अमृता फडणवीस के बयान और कई और मुद्दों पर भी निशाना साधा।
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नागपुर में शिवसेना उद्धव बाळासाहेब ठाकरे पक्ष के सांसद संजय राऊत ने मनोज जरांगे पाटील की सेहत को लेकर राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला है। राऊत का कहना है कि मनोज जरांगे अब सरकार के किसी काम के नहीं रहे, बल्कि उनका आंदोलन अब सरकार के गले की फांस बन गया है। उन्होंने साफ शब्दों में आरोप लगाया कि सरकार जरांगे को मरवाना चाहती है।
राऊत ने कहा कि जरांगे की तबीयत की जो खबरें आ रही हैं, वो चिंता की बात हैं, इसलिए सरकार के बड़े नेताओं को उनसे तुरंत बात करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मराठा हो या ओबीसी आरक्षण का मसला, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सर्वदलीय बैठक बुलाकर इसका हल निकालना चाहिए।
धनुष्यबाण चुनाव चिन्ह पर भी राऊत ने आक्रामक रुख अपनाया। उनके मुताबिक धनुष्यबाण असल में बाळासाहेब ठाकरे की शिवसेना का पुराना चिन्ह है, और साजिश रचकर चुनाव आयोग के जरिए इसे चुरा लिया गया। राऊत ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल के पीछे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शहा का हाथ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चोरी के मामले में पुलिस जब्त माल कब्जे में लेती है, इसलिए धनुष्यबाण चिन्ह भी चोरों के हाथ में नहीं रहना चाहिए। शिंदे गुट के वकीलों पर सिर्फ मामला लटकाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मांग की कि धनुष्यबाण केस की रोज सुनवाई हो और जल्द फैसला आए।
मुस्लिम महिलाओं को गरबे में शामिल होने देने वाले अमृता फडणवीस के बयान का राऊत ने स्वागत किया, लेकिन साथ ही तंज भी कसा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी कैबिनेट के तथाकथित नवहिंदुत्ववादी नेताओं की भी काउंसलिंग होनी चाहिए। राऊत ने कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में मुस्लिम समाज का बड़ा योगदान रहा है, और नवरात्रि का दांडिया लोगों की भागीदारी का त्योहार है।
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के पक्षांतरबंदी कानून पर दिए बयान की भी राऊत ने आलोचना की। उनका कहना था कि इस कानून पर नार्वेकर की भाषा खुद कानून का अपमान करने वाली है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के एकीकरण को लेकर राऊत ने कहा कि रोहित पवार सही बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस बीजेपी के साथ है, और अजित पवार ने मजबूरी में बीजेपी के साथ जाने का फैसला लिया। राऊत को भरोसा है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस शरद पवार की ही पार्टी है और शरद पवार कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान के मुंबई बम धमाकों के आरोपी अबू सालेम से जेल में मुलाकात करने के मामले पर भी राऊत ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्यारे खान की नियुक्ति इसी सरकार ने की है, इसलिए इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनके साथियों को सफाई देनी चाहिए।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मिलने वाले एक पुरस्कार पर भी राऊत ने चुटकी ली। उन्होंने कहा, "भवानी तलवार लेकर लंदन आओ," और इसी बात को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
कर्नाटक में कांग्रेस मंत्रियों पर हुई ईडी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए राऊत ने महाराष्ट्र में हुए कथित घोटालों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब महाराष्ट्र में और राम मंदिर ट्रस्ट में घोटाले हुए, तब ईडी कहां थी।