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23:46 IST

जलसंपदा विभाग के रिटायर्ड इंजीनियरों का अनुभव आगे इस्तेमाल हो- राधाकृष्ण विखे पाटील

यशदा में इंजीनियर गौरव पुरस्कार वितरण समारोह में जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने सलाहकार मंडल बनाने का सुझाव दिया।

जलसंपदा विभाग के रिटायर्ड इंजीनियरों का अनुभव आगे इस्तेमाल हो- राधाकृष्ण विखे पाटील
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

पुणे, 16 तारीख। जलसंपदा विभाग से रिटायर हो चुके अनुभवी इंजीनियर और अधिकारियों का लंबा अनुभव राज्य के आने वाले जल प्रबंधन के काम में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके लिए जलसंपदा विभाग के साथ-साथ हर महामंडल के स्तर पर एक सलाहकार मंडल बनाने पर विचार करना चाहिए, यह बात जलसंपदा मंत्री (गोदावरी व कृष्णा खोरे विकास महामंडल) राधाकृष्ण विखे पाटील ने कही।

वे यशवंतराव चव्हाण विकास व प्रशासन प्रबोधिनी यानी यशदा में जलसंपदा विभाग की तरफ से आयोजित इंजीनियर गौरव पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर जलसंपदा विभाग के प्रधान सचिव एकनाथ डवले, प्रकल्प समन्वय सचिव जयंत बोरकर, लाभक्षेत्र विकास विभाग के सचिव प्रकाश मिसाळ, विदर्भ पाटबंधारे विकास महामंडल के कार्यकारी संचालक राजेश सोनटक्के, कृष्णा खोरे विकास महामंडल के कार्यकारी संचालक हनुमंत धुमाळ, गोदावरी खोरे विकास महामंडल के कार्यकारी संचालक जयंत गवळी, कोकण पाटबंधारे विकास महामंडल के कार्यकारी संचालक सुदर्शन पगार और तापी खोरे विकास महामंडल के कार्यकारी संचालक राजेश मोरे मौजूद थे।

विखे पाटील ने कहा कि राज्य की खेती और जल व्यवस्था के लिए इंजीनियरों का काम बहुत बड़ा योगदान है। पुरस्कार के जरिए उनके काम को सम्मान दिया जा रहा है और जलसंपदा विभाग के अनुभवी अधिकारी और इंजीनियरों ने लंबे समय में बड़े पैमाने पर काम किया है। उनके अनुभव का फायदा विभाग को लगातार मिलते रहना जरूरी है। जल प्रबंधन और सिंचाई के क्षेत्र में उपलब्ध तकनीक का असरदार इस्तेमाल करके पानी का ज्यादा से ज्यादा कार्यक्षम उपयोग कैसे हो, इस पर सबको सोचना चाहिए, ऐसा उन्होंने कहा।

जलसंपदा विभाग में पुरस्कारों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई थी, जिस पर सकारात्मक जवाब देते हुए विखे पाटील ने हर महामंडल के लिए कम से कम तीन पुरस्कार देने का सुझाव दिया। अगले साल से हर महामंडल के लिए तीन से पांच पुरस्कार रखने की उनकी मंजूरी है, यह उन्होंने बताया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सूखामुक्त महाराष्ट्र के संकल्प को पूरा करने के लिए जलसंपदा विभाग के सबको मिलकर कोशिश करने की अपील भी विखे पाटील ने की।

जलसंपदा मंत्री (विदर्भ, तापी व कोकण पाटबंधारे विकास महामंडल) गिरीश महाजन ने कहा कि जलसंपदा विभाग के इंजीनियर और अधिकारियों की मेहनत से महाराष्ट्र के जल विकास को बड़ी गति मिली है। बांध बनाने के साथ-साथ उसका पानी आखिरी किसान के खेत तक पहुंचाना और हर बूंद का कार्यक्षम इस्तेमाल करना विभाग का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। पाइप से वितरण प्रणाली, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई से पानी की बर्बादी और भाप बनकर उड़ने की समस्या कम करने पर जोर देने की जरूरत उन्होंने बताई। बांधों में जमी गाद निकालना, इस्तेमाल हुए पानी का दोबारा उपयोग और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल आगे के बड़े चैलेंज हैं। इंजीनियर गौरव पुरस्कार पूरी जलसंपदा विभाग टीम का सम्मान है और पुरस्कार के बाद जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, यह बात भी महाजन ने कही।

प्रधान सचिव एकनाथ डवले ने कहा कि जल प्रकल्प समय पर पूरे करने के लिए भूसंपादन, वन और पर्यावरण मंजूरी तथा पुनर्वसन के काम का सही नियोजन करके उसे बांधकाम के काम के साथ समन्वय से पूरा करना चाहिए। जलसंपदा विभाग के करीब छह हजार तकनीकी कर्मचारियों को प्रोत्साहन मिले, इसके लिए इंजीनियर पुरस्कारों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है, यह उन्होंने बताया। सेवा संकल्प अभियान के तहत जलसंवर्धन, पानी प्रबंधन, जलवापर संस्थाओं की ट्रेनिंग, सिंचाई बढ़ाना और लोगों की भागीदारी के लिए योजना बनाने की अपील भी डवले ने की।

इस मौके पर राज्यपाल जिष्णू देव वर्मा का इंजीनियर दिवस के मौके पर शुभकामना संदेश वाली वीडियो दिखाई गई। साथ ही राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 में महाराष्ट्र को सर्वोत्कृष्ट राज्य पुरस्कार मिलने पर बधाई दी गई।

इस समारोह में 2019 से 2024 तक के व्यक्तिगत और टीम पुरस्कार पाने वालों को सम्मानित किया गया। इनमें 2019 के व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता प्रकाश बाबूराव भोसले, प्रवीण पांडुरंग पारस्कर तथा टीम पुरस्कार सांगली पाटबंधारे मंडल को मिला; 2020 के व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता निलेश गुरुनाथ भोईर, सचिन पुंडलिक पवार, मंगेश त्र्यंबकराव त्रिपिटे तथा टीम पुरस्कार जिगाव प्रकल्प, बुलढाणा पाटबंधारे प्रकल्प मंडल को मिला; 2021 के व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता समाधान धोंडीबा सर्पेलवार, अरुण रामचंद्र नाईक, सायली राजेंद्र पाटील, प्रमोद पुंजाजी महाले, विजय हरी पाटील तथा टीम पुरस्कार मध्यवर्ती संकल्पचित्र संघटना, नाशिक को मिला; 2022 के व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता संजीव दगडू चोपडे, गोकुळ श्रावण महाजन, प्रवीण वसंतराव देशमुख, धनंजय महादेव कोकरे, जयपाल संजय चौरासिया तथा टीम पुरस्कार रत्नागिरी पाटबंधारे मंडल और नंदुरबार मध्यम प्रकल्प विभागीय पथक को मिला; 2023 के व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता अजित भारत गौड तथा टीम पुरस्कार जल हवामान आधार सामग्री प्रक्रिया विभाग, नाशिक को मिला और 2024 के व्यक्तिगत पुरस्कार विजेता अनिता उदय पराते व राजरत्न महादेवराव रणदिवे को सम्मानित किया गया। इस समारोह में जलसंपदा विभाग के अधिकारी और उनके परिवार वाले मौजूद थे।

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