गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:24 IST

IIM नागपुर और गोवा PWD में ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर करार

IIM नागपुर की टीम अब गोवा के प्रमुख सर्कल और शहरों में ट्रैफिक सिमुलेशन और पैदल यात्री सुरक्षा मॉडल तैयार करेगी।

IIM नागपुर और गोवा PWD में ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर करार
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट नागपुर यानी IIM नागपुर ने अब एक और राज्य सरकार के साथ हाथ मिलाया है। इस बार मामला है ट्रैफिक और पैदल यात्रियों की सुरक्षा का, और पार्टनर बना है गोवा। इंस्टिट्यूट के सेंटर फॉर लॉजिस्टिक्स, इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यानी CLIP ने गोवा सरकार के पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट यानी PWD के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MOU साइन किया है। इस करार के तहत गोवा के कुछ अहम रोड नेटवर्क के लिए ट्रैफिक-सिमुलेशन मॉडल और पैदल यात्री निकासी यानी इवैक्युएशन मॉडल तैयार किए जाएंगे।

यह MOU 9 सितंबर को पणजी में साइन हुआ, वो भी उस दिन जब पोरवोरिम के सिक्स-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन हो रहा था। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहे और उन्होंने ही इस नए कॉरिडोर का उद्घाटन किया। MOU पर दस्तखत गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत की मौजूदगी में हुए।

करार पर दस्तखत करने वालों में गोवा PWD के प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर और गोवा सरकार में एक्स-ऑफिशियो अडिशनल सेक्रेटरी संदीप के. प्रभु चोडणेकर, और IIM नागपुर के डायरेक्टर डॉ. भीमराया मेत्री शामिल थे। दोनों ने कागजातों का आदान-प्रदान किया।

यह प्रोजेक्ट 12 महीने का है। इसके तहत IIM नागपुर का CLIP सेंटर पणजी के केटीसी सर्कल, दिवजा सर्कल और मर्सेस सर्कल के अलावा मडगांव और सांकवाडे के रोड नेटवर्क के लिए ट्रैफिक सिमुलेशन मॉडल और पैदल यात्री निकासी मॉडल तैयार करेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने कहा कि इस MOU से गोवा के अहम ट्रैफिक जंक्शनों का वैज्ञानिक और व्यापक अध्ययन हो सकेगा। उन्होंने कहा, "IIM नागपुर की सिफारिशों से राज्य सरकार को ऐसे व्यावहारिक और लंबे समय तक चलने वाले उपाय ढूंढने में मदद मिलेगी जिनसे जाम कम हो, ट्रैफिक फ्लो बेहतर हो और लोकल लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वालों के लिए सफर सुरक्षित और आसान बने।"

वहीं IIM नागपुर के डायरेक्टर डॉ. भीमराया मेत्री ने कहा, "मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट्स को सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि आम नागरिकों को प्रभावित करने वाली दिक्कतों का हल निकालने में भी योगदान देना चाहिए। गोवा के साथ यह पार्टनरशिप IIM नागपुर के लिए एक बड़ा पड़ाव है। हम फील्ड डेटा, सिमुलेशन टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट की सोच को मिलाकर गोवा को ऐसे व्यावहारिक हल देना चाहते हैं जिनसे सड़कें सुरक्षित बनें, सफर का समय कम हो और इन्फ्रास्ट्रक्चर आने वाले दशकों तक कारगर बना रहे।"

इस करार के साथ ही गोवा तीसरा राज्य बन गया है जिसने ट्रैफिक, पैदल यात्री और भीड़ प्रबंधन के क्षेत्र में IIM नागपुर के CLIP सेंटर के साथ काम शुरू किया है। इससे पहले CLIP ने महाराष्ट्र सरकार के साथ 2027 में नासिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाले कुंभ मेले की भीड़ प्रबंधन योजना को लेकर MOU साइन किया था, और मध्य प्रदेश सरकार के साथ 2028 में उज्जैन कुंभ मेले के लिए भी करार किया था। गोवा वाला यह प्रोजेक्ट अब बड़े सार्वजनिक आयोजनों के प्रबंधन से आगे बढ़कर रोजमर्रा की शहरी ट्रैफिक और लंबे समय के ट्रांसपोर्ट प्लानिंग तक जा पहुंचा है।

इस प्रोजेक्ट के तहत IIM नागपुर की टीम पहले तय जगहों पर रोड नेटवर्क, ट्रैफिक वॉल्यूम, सफर में लगने वाले समय, जाम, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और पार्किंग से जुड़ा डेटा जुटाएगी और उसका विश्लेषण करेगी। इसके बाद पणजी के केटीसी सर्कल, दिवजा सर्कल और मर्सेस सर्कल के साथ-साथ मडगांव और सांकवाडे के लिए ट्रैफिक-सिमुलेशन मॉडल तैयार किए जाएंगे। पैदल यात्रियों की आवाजाही बेहतर बनाने और कमजोर सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए इवैक्युएशन मॉडल भी बनाए जाएंगे। टीम अगले 10, 20 और 30 साल के लिए ट्रैफिक की मांग का अनुमान भी लगाएगी, ताकि आगे चलकर कहां जाम लग सकता है और कहां दिक्कत आ सकती है, यह पहले से पता चल सके। इसके अलावा सिग्नल टाइमिंग, सड़क और चौराहों की डिजाइन, पार्किंग मैनेजमेंट और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इंटीग्रेशन को लेकर भी सुझाव दिए जाएंगे।

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