होर्मुझ जलडमरूमध्य में तनाव: अमेरिकी हमले के बाद ईरान का 10 जहाजों पर पलटवार
अमेरिका ने ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला किया, जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे की तरफ मिसाइलें दागीं और होर्मुझ जलडमरूमध्य में 10 जहाजों पर हमला करने का दावा किया।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर भड़क गया है। वॉशिंगटन से आई जानकारी के मुताबिक मंगलवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला बोल दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे की दिशा में 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने इनमें से 18 मिसाइलें हवा में ही मार गिराईं, जबकि बाकी दो मिसाइलें आबादी वाले इलाके से दूर जाकर गिरीं।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का कहना है कि पिछले दो दिनों में ईरान ने दो बार अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े तेल टैंकरों पर हमला किया। अमेरिका के इस हमले के बाद ईरान ने दावा किया कि उसने होर्मुझ जलडमरूमध्य में 10 जहाजों पर हमला किया है, जिनमें अमेरिका के 2 जहाज और 8 तेल टैंकर शामिल हैं। ईरान का कहना है कि ये सभी जहाज प्रतिबंधित क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसके अलावा ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने अमेरिका का एक पनडुब्बी ड्रोन भी अपने कब्जे में ले लिया है।
सेंटकॉम के मुताबिक ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन अमेरिकी युद्धपोत ने इस मिसाइल हमले को नाकाम कर दिया। इस घटना में अमेरिका का कोई भी सैनिक घायल नहीं हुआ और अमेरिकी युद्धपोत उस इलाके में लगातार गश्त लगा रहे हैं।
सेंटकॉम की जानकारी के अनुसार अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में चार तेल टैंकरों को और खारग द्वीप के पास एक अन्य जहाज को निशाना बनाया। अमेरिका का दावा है कि हमले का शिकार बने ये पांचों तेल टैंकर अरबों डॉलर के एक गुप्त नेटवर्क का हिस्सा थे, जो ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड और उसके साथी देशों के लिए फंडिंग जुटाता है। अमेरिकी सेना ने बताया कि हमले से पहले जहाजों पर मौजूद स्टाफ को जहाज खाली करने के निर्देश दिए गए थे।