गौरी विसर्जन करने गए 2 बालकों की तालाब में डूबकर मौत, काटोल के झिल्पा गांव में शोक का माहौल
काटोल तालुका के झिल्पा गांव में गौरी विसर्जन के दौरान तालाब में डूबने से दो बालकों की मौत हो गई।
काटोल तालुका के झिल्पा गांव में गौरी विसर्जन का त्यौहार शुरू होते ही मातम में बदल गया, जब दो मासूम बालकों की तालाब में डूबकर जान चली गई। इस हादसे ने दोनों परिवारों के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। दोनों बालक खेल से जुड़े थे, इसलिए इस मौत की खबर से क्रीड़ा जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई। जो त्यौहार अभी थोड़ी देर पहले तक उत्साह और खुशी से भरा हुआ था, वह चंद मिनटों में पूरे गांव के लिए मातम की घड़ी बन गया।
मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार सुबह करीब 11 बजे गांव की महिलाएं गौरी विसर्जन के लिए तालाब पर गई थीं और उनके साथ कुछ बच्चे भी पहुंचे थे। इसी दौरान 13 साल के आयुष हरीश कुमरे और 13 साल के दर्शन धनराज लाड तालाब में डूब गए। यह हृदय विदारक हादसा देखकर पूरा झिल्पा गांव स्तब्ध रह गया। जिस तालाब पर गौरी की मूर्तियां विसर्जित करने के लिए लोग जमा हुए थे, वहीं यह दर्दनाक घटना घट गई और देखते ही देखते पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
आयुष कक्षा आठवीं में पढ़ता था, जबकि दर्शन कक्षा सातवीं का छात्र था। दोनों जय भवानी क्रीड़ा मंडल के कबड्डी खिलाड़ी थे और मैदान पर बड़े उत्साह से खेलते थे। जैसे ही दोनों बालकों के पानी में डूबने का पता चला, उनके चाचा तुरंत तालाब में कूद पड़े और दोनों को बाहर निकाला। इसके बाद बिना देर किए दोनों को काटोल ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। परिवार वालों के साथ-साथ गांव के लोग भी अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों बालकों को बचाया नहीं जा सका।
होनहार खिलाड़ी माने जाने वाले इन दोनों बच्चों की अचानक हुई मौत से उनके दोस्तों और साथी खिलाड़ियों को गहरा सदमा पहुंचा है। कुछ देर पहले तक जो माहौल गौरी विसर्जन की खुशियों से भरा था, वह चंद मिनटों में चीख-पुकार में तब्दील हो गया और पूरे झिल्पा गांव में शोक छा गया। दोनों परिवारों के लिए यह त्यौहार अब ऐसा दुख बन गया है, जिसे शायद जिंदगी भर भुलाया नहीं जा सकेगा। काटोल पुलिस ने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।