गडचिरोली के वांगेपल्ली स्कूल के मोहन ने वुशू में जीता कांस्य, राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए क्वालिफाई
दुर्गम इलाके के छात्र ने राज्यस्तरीय जूनियर वुशू स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर के लिए क्वालिफाई किया।
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गडचिरोली जिले के अहेरी तालुका के वांगेपल्ली गांव की शासकीय निवासी स्कूल में दसवीं क्लास में पढ़ने वाले मोहन मलया कोंडागोरला ने वुशू में कमाल कर दिखाया है। पुणे में हुई 24वीं राज्यस्तरीय जूनियर वुशू स्पर्धा-2026 में मोहन ने कांस्य पदक जीता है। यह पदक उसने वुशू के ताओलू-नानगुन कैटेगरी में जीता। इस कामयाबी के साथ ही मोहन अब राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा के लिए भी क्वालिफाई कर चुका है।
गडचिरोली जिला अति दुर्गम और आदिवासी बहुल इलाका माना जाता है, और यहां के एक स्कूल के छात्र का राज्यस्तरीय पदक जीतकर सीधे राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना जिले के खेल जगत के लिए बड़ी बात है। मोहन ने लगातार प्रैक्टिस, मेहनत और जिद के दम पर राज्यस्तरीय स्पर्धा में अपनी छाप छोड़ी है।
इस परफॉर्मेंस की वजह से मोहन खेल क्षेत्र में मिलने वाले 5 प्रतिशत आरक्षण के लिए जरूरी योग्यता के लिहाज से भी पात्र हो गया है। उसकी इस कामयाबी में कोच यश पडेलवार की ट्रेनिंग का बड़ा हाथ रहा है। मोहन की इस उपलब्धि पर समाज कल्याण आयुक्त दीपा मुधोळ-मुंडे, जिलाधिकारी अविश्यांत पंडा, रीजनल डिप्टी कमिश्नर प्रसाद कुलकर्णी और असिस्टेंट कमिश्नर डॉ. सचिन मडावी ने बधाई दी है और राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।
दरअसल, समाज कल्याण विभाग की तरफ से खास कोशिश की जा रही है कि जिले की शासकीय निवासी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्पोर्ट्स टैलेंट को मौका मिले, और दुर्गम इलाकों के स्टूडेंट्स अलग-अलग खेलों में जिला और राज्य स्तर तक पहुंच सकें। इसी के तहत इस साल का टारगेट रखा गया है कि जिले के 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स को अलग-अलग खेलों में राज्यस्तर पर अच्छी परफॉर्मेंस देने के लायक तैयार किया जाए।
वांगेपल्ली जैसे दुर्गम इलाके से आने वाले मोहन ने वुशू में राज्यस्तरीय पदक जीतकर और राष्ट्रीय स्पर्धा के लिए क्वालिफाई करके इस पूरी कोशिश को नई ताकत दी है।