गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
03:48 IST

भारतीय भाषाओं के सम्मान से ही 'एक भारत' संभव: अमित शाह ठाणे में बोले

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ठाणे में हिंदी दिवस 2026 और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का उद्घाटन किया, कहा हिंदी सभी भाषाओं की मध्यमणी बने।

भारतीय भाषाओं के सम्मान से ही 'एक भारत' संभव: अमित शाह ठाणे में बोले
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

केंद्रीय गृह और सहकार मंत्री अमित शाह ने कहा कि सारी भारतीय भाषाओं का संवर्धन, सम्मान और विकास करना केंद्र सरकार का सबसे बड़ा और पक्का इरादा है। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्रीय भाषा कमल की अलग अलग पंखुड़ी जैसी खूबसूरत है, और इन सारी समृद्ध भाषाओं का आदर करते हुए हिंदी को इनके बीच तालमेल बिठाने वाली मध्यमणी बनाना चाहिए।

अमित शाह वाशी के सिडको एक्झिबिशन एंड कन्वेंशन सेंटर में बोल रहे थे, जहां केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग की ओर से 'हिंदी दिवस 2026' और 'छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन' का उद्घाटन बड़े उत्साह से हुआ।

इस मौके पर मंच पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, सांसद नरेश म्हस्के, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार मौजूद थे। इसके अलावा राजभाषा विभाग की सचिव अंशुली आर्या, वी.एल. कांताराव, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज जॉयदीप चट्टोपाध्याय और मिलिंद प्रभाकर सबनीस भी वहां थे।

अमित शाह ने बताया कि राजभाषा सम्मेलन को सिर्फ राजधानी दिल्ली तक सीमित न रखकर देश के अलग अलग राज्यों में ले जाने का केंद्र सरकार का फैसला कामयाब रहा है, और इसी के तहत यह छठा सम्मेलन महाराष्ट्र में हो रहा है।

उन्होंने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने महाराष्ट्र के गणेशोत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती को बड़ा रूप देकर देश में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना जगाई थी। छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वशासन के साथ साथ अपने धर्म और अपनी भाषा को भी प्राथमिकता देकर मराठी के विकास के लिए राजव्यवहार कोश तैयार करवाया था। शाह ने यह भी कहा कि गुलामी के दौर में ऋषि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने 'आनंदमठ' में लिखा 'वंदे मातरम्' सिर्फ एक गीत नहीं बल्कि आजादी की लड़ाई का राष्ट्रीय ऐलान बन गया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम्' को पूरे रूप में गाने की परंपरा फिर से शुरू की है, और मराठी भाषा को अभिजात भाषा का दर्जा देकर महाराष्ट्र की ऐतिहासिक पहचान का सम्मान भी किया है।

मातृभाषा की अहमियत बताते हुए गृहमंत्री ने कहा कि मातृभाषा इंसान की सोचने की प्रक्रिया की जड़ है और वह व्यक्ति को अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जोड़े रखती है। इसी वजह से राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में पढ़ाई पर जोर दिया गया है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश से नाता और मजबूत करने के लिए हर छात्र को कम से कम एक और भारतीय भाषा जरूर सीखनी चाहिए।

अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में राजभाषा विभाग ने तकनीक का असरदार इस्तेमाल शुरू किया है, और भारत सरकार के पांच लाख से ज्यादा कर्मचारियों को हिंदी की ट्रेनिंग दी जा चुकी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित 'कंठस्थ 2.0' सिस्टम अब पांच करोड़ से ज्यादा वाक्यों के साथ उपलब्ध है, और 'लीला राजभाषा' व 'लीला प्रवाह' के जरिए भाषा सीखने की रफ्तार भी बढ़ी है। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआत में 51 हजार शब्दों वाला 'हिंदी शब्दसिंधू' शब्दकोश अब बढ़कर आठ लाख शब्दों तक पहुंच गया है, और उन्हें पूरा भरोसा है कि 2029 तक यह दुनिया का सबसे बड़ा शब्दकोश बन जाएगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे