गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
04:46 IST

भारत में बनी मारुती सुझुकी की तीन गाड़ियों का जापान निर्यात 1 लाख के पार

मारुती सुझुकी की जिम्नी, फ्रॉन्क्स और ई विटारा की जापान में मांग बढ़ी, कंपनी के लिए जापान बनी दूसरी सबसे बड़ी निर्यात बाजार

भारत में बनी मारुती सुझुकी की तीन गाड़ियों का जापान निर्यात 1 लाख के पार
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

भारत में तैयार होने वाली मारुती सुझुकी की गाड़ियों की जापान में डिमांड लगातार बढ़ रही है। जिम्नी 5-डोर, फ्रॉन्क्स और ई विटारा इन तीन मॉडलों की जापान को मिलाकर कुल निर्यात अब 1 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर चुकी है। यह उपलब्धि भारत की उत्पादन क्षमता और ग्लोबल मार्केट में देश की बढ़ती अहमियत को एक बार फिर सामने लाती है।

जापान में सबसे पहले फ्रॉन्क्स की एंट्री हुई थी, अगस्त 2024 में इसका निर्यात शुरू हुआ। इसके बाद दिसंबर 2024 में जिम्नी 5-डोर को जापान भेजा जाने लगा, और सितंबर 2025 से ई विटारा की भी निर्यात शुरू हो गई। खास बात यह है कि जिम्नी 5-डोर और ई विटारा, इन दोनों गाड़ियों का प्रोडक्शन सिर्फ भारत में ही होता है। इसी वजह से सुझुकी के होम मार्केट यानी जापान के लिए भारत के प्लांट्स की भूमिका और भी अहम हो गई है।

मारुती सुझुकी के लिए जापान अब निर्यात के मामले में दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन चुका है। यह स्थिति वित्त वर्ष 2025-26 में भी थी और वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल से अगस्त वाले पीरियड में भी बरकरार रही। इसी दौरान सुझुकी मोटर कॉर्पोरेशन जापान में गाड़ी इंपोर्ट करने वालों में पहले नंबर पर रही। वित्त वर्ष 2025-26 में सुझुकी की जापान में हुई कुल इंपोर्ट में करीब 100 फीसदी गाड़ियां मारुती सुझुकी की बनाई हुई थीं।

मारुती सुझुकी का पूरा एक्सपोर्ट नेटवर्क अब करीब 120 देशों तक फैल चुका है। कंपनी वित्त वर्ष 2021-22 से लेकर 2025-26 तक भारत से पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट करने वालों में लगातार टॉप पर बनी रही। अप्रैल से अगस्त 2026-27 के बीच कंपनी ने विदेश में 1.8 लाख से ज्यादा गाड़ियां भेजी हैं।

इस कामयाबी से भारत और जापान के बीच ऑटोमोबाइल रिश्तों को भी नई अहमियत मिली है। सुझुकी ने भारत में जो प्रोडक्शन इन्वेस्टमेंट किया था, उससे बनी गाड़ियां अब सीधे जापान पहुंच रही हैं। गौरतलब है कि भारत के पैसेंजर व्हीकल एक्सपोर्ट में मारुती सुझुकी का हिस्सा 50 फीसदी से ज्यादा है।

फ्रॉन्क्स, जिम्नी और ई विटारा, तीनों गाड़ियों का जापानी पोर्टफोलियो में शामिल होना खास बात है, क्योंकि इन मॉडलों के जरिए भारत के प्रोडक्शन सेंटर्स को सुझुकी की ग्लोबल सप्लाई चेन में ज्यादा तवज्जो मिल रही है। कंपनी के मुताबिक, इस निर्यात से भारत में गाड़ियों की क्वालिटी, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को इंटरनेशनल मार्केट से मिल रही मान्यता साफ झलकती है। जापान में भारतीय बनावट की गाड़ियों की बढ़ती मौजूदगी आगे चलकर एक्सपोर्ट के और विस्तार के लिए भी अहम साबित हो सकती है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे