भागीरथी नदी में 81 किलोमीटर तैराकी कर पालघर के केवल चौधरी ने बनाया रिकॉर्ड
विरार के जलतरणपटू केवल चौधरी ने पश्चिम बंगाल की भागीरथी नदी में 81 किलोमीटर की खुले पानी की तैराकी पूरी कर पालघर जिले में नया इतिहास रचा।
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विरार के तैराक केवल चौधरी ने मेहनत, लगातार अभ्यास और आत्मविश्वास के दम पर एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की भागीरथी नदी में रविवार, 6 सितंबर को आयोजित 81 किलोमीटर की खुले पानी की तैराकी प्रतियोगिता में उन्होंने पूरी दूरी सफलतापूर्वक तय की। इस उपलब्धि के साथ ही केवल चौधरी पालघर जिले के ऐसे पहले तैराक बन गए हैं जिन्होंने 81 किलोमीटर की दूरी पूरी की हो।
भागीरथी नदी में यह प्रतियोगिता सुबह 5 बजे शुरू हुई थी। खुले पानी में लंबी दूरी की तैराकी में नदी का बहाव, बदलता मौसम और शरीर पर पड़ने वाला भारी दबाव जैसी चुनौतियां आम बात होती हैं। लेकिन केवल चौधरी ने शुरुआत से ही अपनी रफ्तार बनाए रखी। 35 से 40 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आगे का सफर जारी रखा। कई घंटों तक पानी में रहने से आने वाली थकान और मानसिक दबाव को पार करते हुए आखिरकार उन्होंने तय की गई 81 किलोमीटर की दूरी पूरी कर ली। इस कामयाबी में शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक मजबूती और आखिर तक हार न मानने की भावना ने अहम भूमिका निभाई।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे केवल चौधरी की कई महीनों की मेहनत छिपी है। उन्होंने वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के स्विमिंग पूल में नियमित अभ्यास किया था। लंबी दूरी की तैराकी के लिए जरूरी स्टैमिना, रफ्तार और मानसिक तैयारी बढ़ाने पर उन्होंने खास ध्यान दिया। इस पूरे सफर में उन्हें कोच विद्यानंद मुळीक का मार्गदर्शन मिला। कोच की देखरेख में किए गए अनुशासित अभ्यास और खुद पर भरोसे के दम पर ही वे 81 किलोमीटर के मुश्किल लक्ष्य तक पहुंच पाए।
केवल चौधरी की इस कामयाबी से विरार और वसई-विरार इलाके के तैराकों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। पालघर जिले से 81 किलोमीटर की दूरी पूरी करने वाले पहले तैराक बनने पर उनकी हर तरफ से तारीफ हो रही है। अपनी इस कामयाबी के बाद केवल चौधरी ने वसई-विरार महानगरपालिका, कोच विद्यानंद मुळीक, स्विमिंग पूल के स्टाफ, दोस्तों और साथियों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि तैयारी से लेकर असली मुकाबले तक जो साथ मिला, उसी की बदौलत वे यह बड़ी चुनौती पार कर पाए।
81 किलोमीटर का लक्ष्य, कई घंटों का मुश्किल जलसफर और आखिर तक कायम रही जिद्द, केवल चौधरी की इस उपलब्धि ने पालघर जिले के खेल जगत में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, जो नए तैराकों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।