बैंक ऑफ इंडिया ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में लॉन्च की 12 नई डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं
UPI टैप एंड पे से लेकर AI पेमेंट्स और प्रोग्रामेबल CBDC तक, बैंक ऑफ इंडिया ने मुंबई में हुए इवेंट में एक साथ 12 डिजिटल पहल पेश की हैं।
मुंबई में 9 से 11 सितंबर के बीच हुए ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 में बैंक ऑफ इंडिया ने डिजिटल बैंकिंग के मामले में एक बड़ा कदम उठाया है। बैंक ने इस इवेंट में एक साथ 12 नई डिजिटल पहल शुरू कर दी हैं, जिनका ताल्लुक पेमेंट्स, कार्ड्स, डिजिटल करंसी, सेल्फ-सर्विस बैंकिंग, कंप्लायंस, ग्राहक जुड़ाव और फिनटेक कंपनियों के साथ साझेदारी से है। बैंक के स्टॉल का उद्घाटन बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर रजनीश कर्नाटक की मौजूदगी में हुआ।
डिजिटल पेमेंट्स के मामले में बैंक ने छह नई सुविधाएं पेश की हैं। इनमें UPI Help 2.0 के जरिए ग्राहक अपने UPI ट्रांजैक्शन का इतिहास देख सकेंगे, कोई शिकायत दर्ज करा सकेंगे, उसे ट्रैक कर सकेंगे और बैंक ऑफ इंडिया के अकाउंट से जुड़े UPI मैंडेट्स भी मैनेज कर सकेंगे। यह सुविधा Omni Neo मोबाइल ऐप में जोड़ी गई है। इसके अलावा Transaction Replay सुविधा से ग्राहक पहले किया गया कोई UPI ट्रांजैक्शन दोबारा शुरू कर सकते हैं। बैंक ने UPI Tap & Pay on PoS भी लॉन्च किया है, जिससे NFC वाले स्मार्टफोन से PoS मशीन पर टैप करके कॉन्टैक्टलेस UPI पेमेंट किया जा सकेगा।
बैंक ने UPI और RuPay कार्ड के लिए AI आधारित पेमेंट सॉल्यूशन भी पेश किए हैं। ग्राहक की जरूरी वेरिफिकेशन और मंजूरी मिलने के बाद AI एजेंट बिल भरना, सब्सक्रिप्शन रिन्यू करना या छोटी खरीदारी जैसे काम खुद-ब-खुद कर सकेगा। ग्राहकों के पास इन परमिशन को बदलने या रद्द करने का अधिकार होगा। कॉरपोरेट ग्राहकों के लिए NPCI के साथ मिलकर IMPS Bulk Payment सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में पेमेंट रिक्वेस्ट भेजी जा सकेंगी।
डिजिटल करंसी के क्षेत्र में बैंक ऑफ इंडिया ने User-level Programmable Central Bank Digital Currency (CBDC) सुविधा शुरू की है। इसमें डिजिटल टोकन का इस्तेमाल किस मकसद के लिए, किस इलाके में या कितने समय तक किया जा सकता है, इस तरह की खास शर्तें तय की जा सकती हैं। इस तकनीक का इस्तेमाल टारगेटेड सब्सिडी, राहत फंड, मकसद आधारित लाभ और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम में हो सकता है। इससे यह पुष्टि करने में मदद मिल सकती है कि फंड का इस्तेमाल उसी मकसद के लिए हो रहा है जिसके लिए वह दिया गया है।
GFF 2026 में बैंक ने Terra Mastercard World Credit Card भी पेश किया। यह कॉन्टैक्टलेस इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड है और इसमें ट्रैवल, लाइफस्टाइल और ग्लोबल पेमेंट सुविधाओं पर जोर दिया गया है। इसे ATM, PoS और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। कार्डधारकों को एयरपोर्ट लाउंज एंट्री के साथ ट्रैवल, एंटरटेनमेंट, डाइनिंग, मोबिलिटी, वेलनेस और डिजिटल सब्सक्रिप्शन से जुड़े अलग-अलग फायदे मिलेंगे। बैंक के मुताबिक कार्ड जारी करने का कोई चार्ज नहीं है; मुख्य कार्ड की सालाना मेंबरशिप फीस 990 रुपये और ऐड-ऑन कार्ड की फीस 750 रुपये रखी गई है।
Hitachi के साथ मिलकर बैंक ऑफ इंडिया ने Android आधारित Cash Recycler Machine का Proof of Concept भी पेश किया। इस मशीन में पारंपरिक ATM सुविधाओं के साथ-साथ UPI आधारित कार्डलेस कैश विदड्रॉल, Green PIN बनाना और रीयल-टाइम डेबिट कार्ड जारी करने जैसी सुविधाएं होंगी। ग्राहक अप्लीकेशन और ऑथेंटिकेशन प्रोसेस पूरी करने के बाद इस मशीन से तुरंत अपना पर्सनलाइज्ड फिजिकल डेबिट कार्ड ले सकेंगे।
बैंक ने ToneTag की मदद से चलने वाला Conversational Banking सॉल्यूशन E-Kosha 2.0 भी पेश किया, जिससे ग्राहक आवाज के जरिए बैंक से बात कर सकेंगे। आगे चलकर इस सिस्टम का दायरा अकाउंट से जुड़ी सर्विस, पेमेंट्स, फंड ट्रांसफर, लोन, इंश्योरेंस, इनवेस्टमेंट और कस्टमर सर्विस तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही बैंक ने ALPHA PLUS, FinTech Connect Portal और Markytics जैसे प्लेटफॉर्म भी पेश किए हैं। FinTech Connect Portal के जरिए फिनटेक कंपनियां बिना कोई फीस दिए बैंक के सामने अपने प्रस्ताव रख सकेंगी। बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक इन सभी पहल के पीछे मकसद भविष्य के लिए तैयार, सुरक्षित और सबको साथ लेकर चलने वाला बैंकिंग इकोसिस्टम बनाना है।