अरबपति का दावा: सोना 15 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है
इलेक्ट्रम कंपनी के अध्यक्ष थॉमस कपलान ने कहा, लंबे समय में सोना मौजूदा भाव से 10 गुना उछल सकता है
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सोने के बाजार में पिछले कुछ महीनों से जो गिरावट चल रही है, उसने निवेशकों को उलझन में डाल दिया है। क्या सोने की तेजी का दौर खत्म हो गया, यह सवाल हर तरफ पूछा जा रहा था। इसी बीच इलेक्ट्रम कंपनी के अध्यक्ष और मशहूर अरबपति थॉमस कपलान के एक बयान ने बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। कपलान का कहना है कि सोने का सफर यहां खत्म नहीं हुआ है, बल्कि लंबे समय में यह मौजूदा भाव से करीब 10 गुना तक उछल सकता है।
कपलान के लंबी अवधि के विश्लेषण के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना आने वाले समय में 30000, 40000 से लेकर 50000 डॉलर प्रति औंस के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकता है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4600 डॉलर प्रति औंस पर है, जबकि भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव डेढ़ लाख रुपये के आसपास चल रहा है।
अगर अंतरराष्ट्रीय भाव 50,000 डॉलर तक पहुंच जाए और डॉलर के मुकाबले रुपये का विनिमय दर 95 रुपये माना जाए, तो भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोना सीधे 15 लाख रुपये तक जा सकता है। हालांकि कपलान ने इस बड़ी तेजी के लिए कोई तय समय-सीमा या तारीख नहीं बताई है। उनका कहना है कि कम समय में सोने में और उतार-चढ़ाव या गिरावट दिख सकती है, लेकिन मध्यम और लंबी अवधि में सोना-चांदी दोनों बड़ी छलांग लगाएंगे, यह करीब-करीब तय माना जा रहा है।
मौजूदा गिरावट से परेशान निवेशकों को हिम्मत देते हुए कपलान ने 1987 के शेयर बाजार क्रैश का उदाहरण दिया। 1987 में 'ब्लैक मंडे' के दिन अमेरिकी बाजार में करीब 36 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी। उस वक्त वह मंदी बहुत डरावनी लग रही थी, लेकिन आज के लंबी अवधि के चार्ट पर देखें तो वह सिर्फ एक छोटा सा बिंदु नजर आती है। कपलान के मुताबिक सोने-चांदी में आई तेज गिरावट डर की नहीं, बल्कि ऐतिहासिक खरीदारी के मौके की निशानी है। जैसे 1987 की घबराहट बाद में सुनहरा दौर साबित हुई, वैसा ही मौका अभी है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस सफर में निवेशकों को तेज उतार-चढ़ाव झेलना पड़ेगा।
कपलान के मुताबिक 15 लाख रुपये का यह लंबी अवधि का आंकड़ा कुछ बड़े आर्थिक कारणों पर निर्भर करेगा। इसमें दुनियाभर के अलग-अलग देशों के सेंट्रल बैंकों की लगातार बढ़ती सोना खरीदारी, युद्ध और व्यापार तनाव जैसे भू-राजनीतिक हालात, अमेरिकी फेडरल रिजर्व समेत दूसरे बैंकों की ब्याज दर नीति और बढ़ती महंगाई, और डॉलर के मुकाबले रुपये में आने वाली गिरावट शामिल है।
कपलान की यह भविष्यवाणी किसी छोटी अवधि के ट्रेडिंग टारगेट के बजाय एक बड़े आर्थिक नजरिए पर आधारित है। पोर्टफोलियो में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना लंबी अवधि के लिए खरीदना हमेशा फायदेमंद माना जाता है। हर गिरावट के दौर में थोड़ा-थोड़ा करके खरीदारी यानी एसआईपी के तरीके से निवेश करना भी फायदेमंद साबित हो सकता है।