गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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04:24 IST

AI की मार से टेक कंपनियों में छंटनी तेज, ओरॅकल में फिर बड़ी कटौती की तैयारी

layoffs.fyi के मुताबिक इस साल अब तक 303 टेक कंपनियों ने 1 लाख 28 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला, जिसमें ओरॅकल, अमेज़न, डेल और मेटा शामिल हैं।

AI की मार से टेक कंपनियों में छंटनी तेज, ओरॅकल में फिर बड़ी कटौती की तैयारी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

टेक सेक्टर से फिर एक बार बुरी खबर आई है। बड़ी कंपनी ओरॅकल ने एक बार फिर अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकालना शुरू कर दिया है। इससे पहले भी इस कंपनी ने हजारों लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया था, और अब वही हालात फिर बन रहे हैं। लेकिन सिर्फ ओरॅकल ही नहीं, दुनियाभर में इस वक्त नौकरियां जाने का सिलसिला चल रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है AI, यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस।

layoffs.fyi नाम का एक पोर्टल है जो दुनियाभर में कहां कितने लोगों को नौकरी से निकाला गया, इसका हिसाब रखता है। इस पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल अब तक 303 टेक कंपनियों ने कर्मचारियों को निकाला है। कुल मिलाकर 1 लाख 28 हजार 873 लोगों को घर बैठना पड़ा है। यह आंकड़ा बहुत बड़ा है। इसमें ओरॅकल, अमेज़न, उबर और पेपल जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं।

इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा ओरॅकल की ही हो रही है। इस कंपनी ने इस साल पहले ही 21 हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया था, और अब दोबारा नई लिस्ट तैयार हो रही है। कंपनी ने अभी तक आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया कि कितने और लोगों को निकाला जाएगा, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक बड़े पैमाने पर कटौती होने वाली है।

अमेज़न, डेल और मेटा भी इस मामले में पीछे नहीं हैं। अमेज़न ने इस साल की शुरुआत में ही, जनवरी महीने में 16 हजार लोगों को नौकरी से निकाल दिया था। अमेज़न भी अब हर जगह AI का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे मैनपावर की जरूरत कम हो रही है। इसके अलावा डेल कंपनी ने मार्च महीने में 11 हजार लोगों को घर भेज दिया, और इसमें भी AI का बड़ा रोल था। फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने भी इस साल कई बार कर्मचारियों की छंटनी की है, एक-दो बार नहीं बल्कि कई राउंड में कटौती हुई है।

दुनिया की करीब सभी बड़ी कंपनियां अब AI में पैसा लगा रही हैं। AI की वजह से बहुत सारे काम अपने आप हो जाते हैं, इंसानों की जरूरत नहीं पड़ती। चाहे कोडिंग हो, कस्टमर सपोर्ट हो या डेटा चेक करना हो, यह सारा काम अब AI कर रहा है। कंपनियों का तर्क सीधा है कि जब मशीन ही काम कर रही है तो इतने कर्मचारी रखने की क्या जरूरत है। इसी वजह से खर्च कम करने के लिए कंपनियां लोगों को निकाल रही हैं।

पहले माना जाता था कि AI आने के बाद नई नौकरियां भी पैदा होंगी, लेकिन फिलहाल उल्टा होता दिख रहा है। पुरानी नौकरियां जा रही हैं और नई नौकरियों के लिए अलग तरह का स्किल चाहिए होगा। इसीलिए टेक सेक्टर में काम करने वाले हर किसी को अब AI सीखना ही पड़ेगा, वरना नौकरी बचाए रखना मुश्किल हो जाएगा।

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