आस्था स्पिनटेक्स का शेयरधारकों को तोहफा, 1:1 बोनस शेयर और 1.35 मेगावॉट सोलर प्रोजेक्ट को मंजूरी
टेक्सटाइल कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने बोनस शेयर के साथ-साथ रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट की मंजूरी की घोषणा की है।
टेक्सटाइल सेक्टर की जानी-मानी कंपनी आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने अपने बिजनेस को बढ़ाते हुए एक साथ दो बड़े फैसले लिए हैं। कंपनी ने 1.35 मेगावॉट के रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट का काम तेज़ी से शुरू कर दिया है, और साथ ही 16 सितंबर को हुई वार्षिक आम सभा में शेयरधारकों को 1:1 बोनस शेयर देने का ऐलान किया है, यानी जिसके पास एक शेयर है उसे एक शेयर मुफ्त में और मिलेगा।
इस बोनस को आसान बनाने के लिए कंपनी का अधिकृत भागपूंजी बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये करने को भी मंजूरी दे दी गई है।
गुजरात के राजकोट जिले के गोंडल में स्थित फाल्कन यार्न्स प्राइवेट लिमिटेड की फैक्ट्री, जिसे कंपनी ने हाल ही में खरीदा है, वहां 1.35 मेगावॉट यानी 1350 kW DC क्षमता का रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट लगाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के लिए गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) से औपचारिक रजिस्ट्रेशन का काम पूरा हो चुका है। मौके पर 40 प्रतिशत स्ट्रक्चर बनाने का काम भी पूरा हो गया है। इससे कंपनी के प्रोडक्शन खर्च में अच्छी-खासी बचत होगी।
कंपनी ने आगे की रणनीति के तहत "थ्री-पिलर ग्रोथ स्ट्रैटेजी" का ऐलान किया है, जिसमें फाइनेंशियल परफॉर्मेंस बेहतर करना, शेयरधारकों को अच्छा रिटर्न देना और धागे से लेकर कपड़ा बनाने तक कारोबार फैलाना शामिल है।
बोनस शेयर के तहत जो शेयरधारक इसके लिए एलिजिबल होंगे, उन्हें हर एक शेयर पर एक पूरी तरह पेड-अप बोनस शेयर मिलेगा। इसके लिए कंपनी 44.14 करोड़ रुपये के रिजर्व फंड का इस्तेमाल करेगी। इसी के साथ बोनस को आसान बनाने के लिए अधिकृत भागपूंजी 45 करोड़ रुपये से बढ़ाकर सीधे 100 करोड़ रुपये कर दी गई है। इसके अलावा कंपनी अब अपने ब्रांड के तहत "ग्रे फैब्रिक" और दूसरे वैल्यू-एडेड फैब्रिक प्रोडक्ट बनाने के कारोबार में भी उतर रही है।
आस्था स्पिनटेक्स लिमिटेड ने फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन कैपेसिटी में भी जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। वित्तीय वर्ष 2023 से 2025 के बीच कंपनी का सालाना रेवेन्यू 240 करोड़ रुपये से बढ़कर 352 करोड़ रुपये हो गया है। इसी दौरान नेट प्रॉफिट में 356 प्रतिशत CAGR के साथ भारी उछाल आया, जो 1.1 करोड़ रुपये से बढ़कर 23 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन भी 5.87 प्रतिशत से बढ़कर 14.16 प्रतिशत हो गया है, जिसने निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया है।
फाल्कन यार्न्स के अधिग्रहण से कंपनी की धागा उत्पादन क्षमता 7700 मेट्रिक टन से बढ़कर 17457 मेट्रिक टन हो गई है, जबकि स्पिंडल क्षमता 25920 से बढ़कर 61824 हो गई है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दिव्यांग जसवंत पटेल ने कहा कि GEDA रजिस्ट्रेशन पूरा होना और सोलर प्रोजेक्ट का काम शुरू होना कंपनी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने भरोसा जताया कि सस्टेनेबल एनर्जी और प्रोडक्शन के विस्तार के दम पर कंपनी अगले फेज में तेज़ी से आगे बढ़ेगी।