प्रबोधनकार ठाकरे जयंती पर राज ठाकरे ने नेताओं पर साधा निशाना
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने प्रबोधनकार ठाकरे की जयंती पर पोस्ट करते हुए मौजूदा समाज और राजनीति पर तीखी टिप्पणी की।
प्रबोधनकार ठाकरे की जयंती के मौके पर मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक पोस्ट डालकर सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है। राज ठाकरे हमेशा की तरह अपने ट्विटर पोस्ट से सुर्खियों में आते हैं, और इस बार भी उन्होंने मौजूदा सामाजिक हालात पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने समाज में बढ़ते अतिउत्साह, त्योहारों में हो रहे शोर-शराबे और इस तरह के जश्न पर सवाल उठाए हैं।
राज ठाकरे ने अपनी ट्विटर पोस्ट में लिखा, "आज समाज अति उत्सवप्रिय और शोर-शराबे वाला हो गया है, और धर्म के नाम पर किसी भी अंधश्रद्धा को श्रद्धा बोलना है और उस पर कोई तार्किक सवाल पूछे तो उसे फौरन हिंदू विरोधी ठहरा देना है, ऐसे दौर में हमारे दादा की याद ज्यादा ही शिद्दत से आती है।" यह बात मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कही है।
राज ठाकरे ने राजनीति में चल रही कुप्रथाओं पर भी अपनी राय रखी। उनका कहना है कि अगर राजनीति की खराब परंपराओं की वजह से समाज उसमें उलझ रहा हो या बह रहा हो, तो समाज को वक्त रहते रुकना चाहिए। लेकिन मौजूदा हालात इसके उलट दिख रहे हैं। राज ठाकरे के मुताबिक नेता वोटों की खातिर, अपने फायदे के लिए जहां भी मौका मिले वहां झुकने को तैयार दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज अगर उनके दादा होते तो अपनी लेखनी से इन सभी नेताओं पर करारा प्रहार करते, इसी बात का ख्याल उनके मन में बार-बार आता है।
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की पहचान संतों और प्रबोधनकारों की भूमि के तौर पर बताई। उनका कहना है कि महाराष्ट्र हमेशा से इसी विचार की राह पर चलता आया है और दूसरे राज्यों के मुकाबले महाराष्ट्र में तर्कसंगत नजरिए से चीजों को देखने की एक बड़ी ताकत है। मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने इच्छा जताई कि यह ताकत कभी खत्म नहीं होनी चाहिए।
राज ठाकरे ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के लोगों की यह ताकत बढ़ती रहे, यही उनके दादा को असली श्रद्धांजलि होगी। इसके साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की तरफ से प्रबोधनकार ठाकरे की याद में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।