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04:24 IST

8वां वेतन आयोग: ToR में संशोधन को लेकर 69 लाख पेंशनरों में असमंजस, संगठन ने PM को लिखा पत्र

रिटायर्ड एम्प्लॉईज वेल्फेअर असोसिएशन ने मांग की है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनरों को भी सुधार का फायदा साफ-साफ मिलना चाहिए।

8वां वेतन आयोग: ToR में संशोधन को लेकर 69 लाख पेंशनरों में असमंजस, संगठन ने PM को लिखा पत्र तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

आठवें वेतन आयोग की बैठकों का दौर अभी भी चल रहा है। 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में बैठक होने के बाद आयोग 9 सितंबर को पूरे दिन पुदुचेरी में बैठकें ले रहा है। इन बैठकों में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में क्या बदलाव होंगे, इसकी दिशा तय की जा रही है। इसी बीच पेंशनरों के एक बड़े संगठन रिटायर्ड एम्प्लॉईज वेल्फेअर असोसिएशन यानी REWA ने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी ToR में बदलाव की मांग रख दी है।

संगठन का कहना है कि सरकार को साफ तौर पर बताना चाहिए कि आयोग की सिफारिशों में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके सभी पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों की पेंशन में सुधार शामिल होगा या नहीं।

REWA के मुताबिक करीब 69 लाख पेंशनर और फैमिली पेंशनर इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि आठवां वेतन आयोग उनकी पेंशन और फैमिली पेंशन में सुधार की सिफारिश करेगा या नहीं। संगठन की मुख्य चिंता ToR के प्वाइंट 2 E से जुड़ी है, जिसमें कर्मचारियों की डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और पेंशन ढांचे की समीक्षा की बात कही गई है। इसमें NPS, UPS और non-NPS पेंशन का भी जिक्र है। REWA का कहना है कि इसमें 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों का साफ तौर पर कोई उल्लेख नहीं है, जिसकी वजह से पुराने पेंशनरों में यह सवाल खड़ा हो गया है कि उन्हें इस सुधार का फायदा मिलेगा या नहीं।

अपनी मांग के समर्थन में संगठन ने पिछले वेतन आयोगों के ToR का भी हवाला दिया है। REWA के अनुसार सातवें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में रिटायरमेंट बेनिफिट और रिटायरमेंट से पहले की पेंशन में सुधार का साफ जिक्र था। पांचवें और छठे वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में भी पेंशनर और फैमिली पेंशनर का उल्लेख था। इसी तुलना के आधार पर संगठन चाहता है कि आठवें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में भी पूरी स्पष्टता हो।

REWA का कहना है कि इससे पहले भी उन्होंने वित्त मंत्री और वित्त सचिव से इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन संगठन के मुताबिक अब तक कोई साफ जवाब नहीं मिला है। इस वजह से पेंशनर संगठनों के बीच इस विषय पर चर्चा बढ़ गई है और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चिंताएं जताई जा रही हैं।

7 सितंबर को प्रधानमंत्री को भेजी गई चिट्ठी में REWA ने सरकार से आठवें वेतन आयोग के ToR में साफ तौर पर सुधार करने की अपील की है। संगठन ने कहा कि ToR में यह साफ लिखा जाए कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए सभी पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के लिए आयोग पेंशन और फैमिली पेंशन में सुधार की सिफारिश करेगा। साथ ही REWA ने यह भी कहा कि जब तक ToR में औपचारिक रूप से बदलाव नहीं होता, तब तक सरकार साफ-सफाई के लिए एक प्रेस नोट या आधिकारिक बयान जारी करे।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि पेंशन बढ़ेगी या नहीं, बल्कि यह है कि आठवें वेतन आयोग के मौजूदा कार्यक्षेत्र में पुराने पेंशनरों को साफ तौर पर शामिल किया गया है या नहीं। इसी वजह से पेंशनर सरकार के अगले स्पष्टीकरण और आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अगर पुराने पेंशनरों को साफ तौर पर शामिल करने के लिए ToR में सुधार किया जाता है, तो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके करीब 69 लाख पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों के लिए पेंशन सुधार का रास्ता खुल सकता है।

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